Mandi News: मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आलसी और अक्षम कहे जाने पर विवाद गहरा गया है। हिमाचल प्रदेश ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सांसद की टिप्पणी को असंसदीय बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि ऐसा आचरण दोहराने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपी चंद पाठक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की समीक्षा और जवाबदेही तय करने का पूरा अधिकार है। हालांकि सरकारी अधिकारियों की गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। कंगना रनौत ने सांसद निधि का पैसा सही समय पर खर्च न होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
अधिकारियों के बचाव में एसोसिएशन ने मंडी जिले के आंकड़े जारी किए। उन्होंने बताया कि 23 एजेंसियों के माध्यम से 511.71 लाख रुपये के 237 कामों को मंजूरी मिली है। इनमें से 68 कार्य पूरे हो चुके हैं, 143 चल रहे हैं और केवल 26 काम ही अभी शुरू नहीं हो पाए हैं।
एसोसिएशन ने काम में देरी के पीछे कई व्यावहारिक कारण बताए। उन्होंने ई-साक्षी पोर्टल, जमीन और फॉरेस्ट क्लीयरेंस, एनओसी, कानूनी मुकदमों और पंचायत स्तर की दिक्कतों का हवाला दिया। इसके अलावा पिछले साल आई प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत और पुनर्वास कार्यों में बीडीओ दफ्तरों की व्यस्तता को भी बड़ी वजह बताया।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि बीडीओ पर विकास योजनाओं, शिकायतों के निपटारे, आरटीआई और ऑनलाइन पोर्टल संचालन का भारी बोझ रहता है। अधिकारियों ने कहा कि वे जवाबदेही से पीछे नहीं हट रहे हैं। जहां वास्तविक कमियां हैं, उन्हें सुधारने के लिए बीडीओ दफ्तर पूरी तरह से तैयार और प्रतिबद्ध हैं।