Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कैटराइन गांव के रहने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सुशील चंदर महंत को भारतीय सेना के नई दिल्ली स्थित इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर में इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से इस शीर्ष रैंक तक पहुंचने वाले वह पहले अधिकारी हैं।
सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से लेफ्टिनेंट जनरल बनने वाले पहले अधिकारी
लेफ्टिनेंट जनरल सुशील चंदर महंत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी हाई स्कूल कैटराइन और सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से प्राप्त की। इसके बाद जनवरी 1988 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में उनका सैन्य प्रशिक्षण शुरू हुआ। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दिसंबर 1991 में उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला। 35 वर्षों से अधिक के अपने शानदार सैन्य करियर में उन्होंने सेना के तीन अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त किया और गुलमर्ग में उच्च पर्वतीय युद्ध प्रशिक्षण भी हासिल किया।
महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव
तीन दशक से अधिक के सैन्य अनुभव के दौरान उन्होंने कई अहम पदों पर सेवाएं दी हैं। उनके करियर में 11 फील्ड ऑर्डनेंस डिपो के कमांडिंग ऑफिसर, स्ट्राइक कोर में ब्रिगेडियर ऑर्डनेंस और चीन से सटी उत्तरी सीमा पर तैनात एक महत्वपूर्ण कमांड में मेजर जनरल ऑर्डनेंस सर्विसेज जैसे पद शामिल हैं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने सेना की रसद व्यवस्था, संसाधन प्रबंधन और सैन्य संचालन से जुड़े कार्यों में विशेष दक्षता हासिल की है।
साहसिक खेलों के शौकीन और युवाओं के लिए प्रेरणा
सैन्य सेवा के साथ-साथ महंत को स्कूल के दिनों से ही साहसिक खेलों का शौक रहा है। उन्हें कयाकिंग, कैनोइंग, स्कीइंग और जल क्रीड़ाओं में गहरी रुचि है। अपने व्यापक सैन्य अनुभव और संसाधन प्रबंधन की विशेषज्ञता के बल पर अब वह भारतीय सेना की प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। कुल्लू के कैटराइन गांव और उनके शिक्षण संस्थानों के लिए यह गर्व का क्षण है, तथा स्थानीय स्तर से निकलकर सेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे उनकी यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।