कसोल रेव पार्टी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कुल्लू के डीसी और एसपी के तुरंत तबादले का दिया आदेश

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Kullu News: सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के डिप्टी कमिश्नर अनुराग सी. शर्मा और एसपी मदन लाल के तुरंत तबादले का आदेश दिया है। अदालत ने राज्य के हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया। हाई कोर्ट ने एसडीएम निशांत कुमार के साथ इन दोनों अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिया था।

अधिकारियों पर रेव पार्टी न रोक पाने का आरोप

दोनों अधिकारियों पर 7 से 11 जून के बीच कसोल में रेव पार्टी रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप था। शर्मा और लाल ने हाई कोर्ट के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। अधिकारियों की सीनियर वकील माधवी दीवान ने कहा कि ये रेव पार्टियां नहीं थीं और पक्ष सुने बिना आदेश पारित किया गया।

एफआईआर और एसआईटी जांच पर कोर्ट ने लगाई रोक

प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने एफआईआर और एसआईटी जांच पर रोक लगा दी। हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष विभागीय जांच के लिए अधिकारियों का कुल्लू से बाहर तबादला जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को नोटिस भेजकर 10 अगस्त तक जवाब भी मांगा है।

अदालत ने ट्रांसफर के विरोध को किया खारिज

वकील दीवान ने ट्रांसफर को अपमानजनक बताते हुए इसका विरोध किया था। बेंच ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि डीएसपी की विपरीत रिपोर्ट के बावजूद रेव पार्टियों की अनुमति देने के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में अधिकारियों को किसी एक खास पद पर बने रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता है।

छुट्टियों में मीडिया रिपोर्ट से सामने आया पूरा मामला

यह मामला हाई कोर्ट की छुट्टियों में तब सामने आया जब ‘मिनी इजराइल’ नाम से मशहूर कसोल में इवेंट्स की खबर मिली। ‘ग्रीन फॉरेस्ट-I’ और ‘ग्रीन फॉरेस्ट-II’ में हजारों लोग पहुंचे थे। इन कार्यक्रमों का प्रचार भारी पैमाने पर हुआ था। टिकट की कीमत 10,000 रुपये से 16,000 रुपये थी, जिसमें देश-विदेश से लोग शामिल हुए थे।

निरीक्षण में नशीले पदार्थ और गंभीर लापरवाही मिली

कुल्लू जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की रिपोर्ट के अनुसार एसडीएम ने 6 जून को इवेंट्स की मंजूरी दी थी। जांच में कोकीन और एलएसडी जैसे ड्रग्स मिले। इसके बाद दो पर्यटकों पर केस दर्ज हुआ। एक रूसी डीजे डारिया कुजमिनिख की ड्रग ओवरडोज से मौत की आशंका भी जताई गई। बाद में हाई कोर्ट ने मंजूरी रद्द कर दी।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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