कुल्लू की खूबसूरत तीर्थन घाटी में बदहाल सड़कें बनीं मुसीबत, गड्ढों और उड़ती धूल के कारण पर्यटन कारोबार पर पड़ा बुरा असर

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Kullu News: प्राकृतिक खूबसूरती और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के लिए मशहूर तीर्थन घाटी में टूटी सड़कें पर्यटन कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचा रही हैं। बंजार से बठाहड़ तक का मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। उड़ती धूल के कारण सैलानियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तीर्थन घाटी पहुंचने के लिए पर्यटक पहले कीरतपुर मनाली फोरलेन से औट पहुंचते हैं। इसके बाद लारजी से एनएच 305 होकर बंजार जाना पड़ता है। बंजार से बठाहड़ को जोड़ने वाली 40 किलोमीटर लंबी सड़क तीर्थन का मुख्य रास्ता है। खराब सड़क के कारण स्थानीय टैक्सी चालक भी इस मार्ग पर जाने से कतरा रहे हैं।

बंजार बठाहड़ सड़क पर बड़े गड्ढों से सफर हुआ खतरनाक

सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों की वजह से गाड़ियों को भारी नुकसान हो रहा है। रास्ते में उड़ने वाली धूल यात्रियों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही है। औट से बठाहड़ और अन्य संपर्क मार्गों की बदहाली से घाटी में जरूरी राशन और गैस सिलेंडर की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में ट्रैकिंग और तीर्थन नदी में ट्राउट मछली पकड़ने के लिए हर साल हजारों सैलानी यहां आते हैं। पिछले 10 सालों में यहां पर्यटन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, सड़क की खराब हालत देखकर पहली बार आने वाले पर्यटक भी दोबारा इस खूबसूरत घाटी का रुख करने से बच रहे हैं।

खराब सड़कों से नौ पंचायतों की बीस हजार आबादी परेशान

स्थानीय निवासी शेर सिंह के अनुसार मुख्य सड़क की सुध न लेने से गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कत आती है। कई गांवों तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती और मरीजों को चारपाई पर ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों को राशन लेने के लिए भी कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है।

तीर्थन घाटी की 9 पंचायतों के करीब दो दर्जन गांवों में सड़क संपर्क बेहद कमजोर है। प्राकृतिक आपदा के बाद से कई संपर्क मार्ग पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सके हैं। गुशैणी स्कूल के छात्रों को रोजाना धूल भरे रास्तों से होकर जाना पड़ता है। कच्ची सड़कों के कारण बस सेवाएं भी बाधित होती हैं।

मूलभूत सुविधाओं की कमी और लंबे सफर से घटे पर्यटक

पर्यटन व्यवसायी महेंद्र सिंह और अंकित सूद का कहना है कि घाटी में एटीएम और इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग प्वाइंट जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। चंडीगढ़ से औट पहुंचने में जितना समय लगता है, उससे अधिक समय औट से बठाहड़ तक के 40 किलोमीटर के सफर में लग जाता है।

एपीएमसी कुल्लू और लाहौल के अध्यक्ष राम सिंह मियां ने कहा कि बंजार-बठाहड़ सड़क के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है। बरसात के बाद टारिंग कार्य शुरू होगा। इसके अलावा एनएच 305 के लिए 25 करोड़ और पूरे बंजार क्षेत्र के लिए 200 करोड़ के बजट से मार्च 2027 तक सड़कें सुधारी जाएंगी।

Desh Raj
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