Kullu News: पर्यटन नगरी मनाली में आयोजित मैराथन के जरिए पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया गया है। आयोजकों ने बच्चों को प्लास्टिक कचरा एकत्र करने के बदले दौड़ में निशुल्क प्रवेश दिया, जिसके तहत 15 हजार प्लास्टिक बोतलें एकत्र की गईं। इसके साथ ही ‘हीलिंग हिमालय’ और नगर परिषद ने मिलकर पूरे रेस ट्रैक पर विशेष सफाई अभियान चलाया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पर्यटन नगरी मनाली में आयोजित मैराथन के दौरान खेल के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। इस वर्ष मनाली मैराथन के आयोजकों ने बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्लास्टिक बोतलों के बदले दौड़ में निशुल्क प्रवेश (फ्री एंट्री) की व्यवस्था की थी। इस पहल से प्रेरित होकर मनाली और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों ने अपने-अपने इलाकों से 15 हजार से अधिक खाली प्लास्टिक बोतलें एकत्र कीं। आयोजकों ने इन सभी बोतलों को अब रीसाइकिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आयोजकों का कहना है कि इस विशेष ग्रीन इनिशिएटिव का मुख्य उद्देश्य बच्चों में छोटी उम्र से ही प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना और हिमालय के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने की आदत डालना है। इस रचनात्मक कदम की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।
15 हजार प्लास्टिक बोतलें होंगी रीसाइकिल
मनाली मैराथन के मुख्य आयोजक प्रवीण सूद ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समाज और बच्चों के सक्रिय सहयोग से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि बच्चों द्वारा जमा की गई 15 हजार प्लास्टिक बोतलों को सुरक्षित रूप से रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जा रहा है, ताकि प्लास्टिक कचरे का सही प्रबंधन हो सके।
हीलिंग हिमालय और नगर परिषद ने चलाया सफाई अभियान
पर्वतीय पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मनाली मैराथन के आधिकारिक सस्टेनेबिलिटी पार्टनर ‘हीलिंग हिमालय’ ने नगर परिषद मनाली और मैराथन प्रबंधन दल के साथ मिलकर रविवार को दौड़ समाप्त होते ही व्यापक सफाई अभियान शुरू किया। यह विशेष अभियान मनाली से गोशाल पलचान तक पूरे रेस रूट पर चलाया गया। उल्लेखनीय है कि रविवार को आयोजित इस मैराथन में 980 से अधिक धावकों ने भाग लिया था।
संयुक्त टीमों ने सुव्यवस्थित तरीके से पूरे मार्ग से दौड़ के दौरान उत्पन्न हुआ कचरा एकत्र कर ट्रैक को पूरी तरह साफ किया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि हिमालय के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को कचरा-मुक्त रखना उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले खेल आयोजनों के लिए यह सफाई अभियान और ग्रीन इनिशिएटिव स्वच्छता की एक अनुकरणीय मिसाल बन गया है।