Kangra News: अमेरिकी कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय डेलिगेशन ने धर्मशाला में तिब्बती आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधियों ने तिब्बत के लोगों को खुला समर्थन देने का संकल्प दोहराया। इसके साथ ही सदस्यों ने चीन के मानवाधिकार उल्लंघन और इंटरनेशनल दबाव की नीतियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सीमा पार दमनकारी नीतियों पर चीन को घेरा
अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने कहा कि चीन अपनी सीमाओं से बाहर भी भय का माहौल बनाता है। चीन का यह इंटरनेशनल दमन काफी फैला हुआ है। उन्होंने दलाई लामा को स्वतंत्रता का वैश्विक प्रतीक बताया और कहा कि अमेरिका हमेशा लोकतंत्र और स्वतंत्रता के बुनियादी मूल्यों के साथ खड़ा रहेगा।
तिब्बत के संघर्ष पर दुनिया का ध्यान खींचने का प्रयास
प्रतिनिधिमंडल की सदस्य हेली स्टीवंस ने स्पष्ट किया कि धर्मशाला आने का मकसद तिब्बत के जमीनी हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचना है। उन्होंने कहा कि तिब्बती अवाम का लंबा संघर्ष और शांति व लोकतंत्र को लेकर दलाई लामा का संदेश दुनिया हमेशा याद रखेगी। अमेरिकी टीम ने तिब्बतियों के साथ अटूट एकजुटता दिखाई।
सांस्कृतिक स्वतंत्रता और संवाद पर जोर
कांग्रेस सदस्य जेम्स गैलाघर ने बीजिंग से दमन तुरंत बंद करने और तिब्बतियों को आत्मनिर्णय का अधिकार देने की मांग की। वहीं जिमी पैट्रोनिस ने 91 वर्षीय दलाई लामा की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीजिंग के साथ भविष्य में किसी भी सार्थक बातचीत या कूटनीतिक संवाद के लिए दलाई लामा की मौजूदगी बेहद अहम साबित होगी।