New Delhi News: हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के साथ मुख्यमंत्री की अहम बैठक हुई। केंद्र सरकार ने कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट दो महीने में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नए हेलीपोर्ट निर्माण के लिए बजट देने पर सहमति बनी है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बैठक में कहा कि राज्य की आर्थिकी पर्यटन पर टिकी है, इसलिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से परियोजना की कुल लागत का सटीक और व्यावहारिक आकलन करने का भी विशेष आग्रह किया।
योग्य सलाहकार करेगा परियोजना लागत का मूल्यांकन
केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योग्य सलाहकार नियुक्त करके साठ दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए हेलीपोर्ट नेटवर्क का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में राहत और आपातकालीन सेवाओं के लिए मजबूत हेलीपोर्ट व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल की मांग को स्वीकार करते हुए उड़ान योजना के तहत हेलीपोर्ट नेटवर्क स्थापित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता देने की मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दुर्गम इलाकों में हवाई संपर्क बेहतर होगा। इसके अतिरिक्त शिमला एयरपोर्ट पर रनवे की क्षमता के अनुसार नियमित उड़ानें संचालित करने की संभावनाओं पर भी तेजी से काम करने का निर्णय लिया गया है।
शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा हिमाचल पुलिस के हवाले
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। कांगड़ा की तर्ज पर अब शिमला हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल से वापस लेकर राज्य पुलिस को सौंपा जाएगा। केंद्र ने हिमाचल सरकार के इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से राज्य के हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस की भागीदारी और जिम्मेदारी बढ़ जाएगी।