Kangra News: हिमाचल प्रदेश में रामपुर से कांग्रेस विधायक नंद लाल के निधन के बाद अब कांगड़ा जिले से भाजपा नेता राकेश चौहान का आकस्मिक निधन हो गया है। बुधवार सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही अंतिम सांस ली। उनके निधन पर पूर्व विधायक अरुण कुमार कूका मेहरा सहित अन्य नेताओं ने गहरा शोक जताया है।
हिमाचल प्रदेश में रामपुर से कांग्रेस विधायक नंद लाल के निधन के बाद कांगड़ा जिले के शाहपुर से भाजपा नेता राकेश चौहान का भी आकस्मिक निधन हो गया। 4 नवंबर की सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। वह वर्तमान में भाजपा खेल प्रकोष्ठ के सह-संयोजक के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे।
शाहपुर निवासी राकेश चौहान (पिंका) पूर्व में भाजपा के जिला महामंत्री के पद पर भी सेवाएं दे चुके थे। इसके अतिरिक्त वह वर्तमान में कांगड़ा जिला फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। खेल और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के कारण क्षेत्र में उनकी विशिष्ट पहचान थी।
पूर्व विधायक अरुण कूका मेहरा ने जताया शोक
नगरोटा के पूर्व भाजपा विधायक अरुण कुमार कूका मेहरा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अत्यंत दुःख, पीड़ा और स्तब्ध मन से सूचित करना पड़ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी जिला कांगड़ा के समर्पित, कर्मठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ता राकेश चौहान (पिंका) का सुबह लगभग 6:45 बजे हृदयघात के कारण निधन हो गया। हृदयघात के बाद उनके पुत्र उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पूर्व विधायक ने आगे कहा कि उनके जाने से पार्टी ने एक अनुशासित और जुझारू कार्यकर्ता खो दिया है, वहीं समाज ने एक मिलनसार और सेवाभावी व्यक्तित्व को खोया है। संगठन के प्रति उनका समर्पण और कार्यकर्ताओं के साथ उनका आत्मीय व्यवहार हमेशा याद रहेगा। उनका इस तरह अचानक चले जाना एक अपूरणीय क्षति है। इसके अलावा कांगड़ा में न्यू पेंशन स्कीम एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास ने भी शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
एक दिन पहले हुआ था कांग्रेस विधायक नंद लाल का निधन
गौरतलब है कि इससे पहले 3 नवंबर को शिमला के रामपुर से कांग्रेस विधायक नंद लाल का निधन हो गया था। वह लंबे समय से कैंसर और किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और शिमला में उपचाराधीन थे। उनका अंतिम संस्कार रामपुर के देवठी गांव में किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल होने पहुंचे हैं।