हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा में दो महीने की बारिश ने मचाई भयंकर तबाही, 33 मौतें और 267 करोड़ का नुकसान

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Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में इस मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं ने बड़ी तबाही मचाई है। केवल दो महीनों में जिले को 267 करोड़ 58 लाख 45 हजार रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इस दौरान 33 लोगों की जान चली गई और 67 गोवंश की भी मौत दर्ज की गई।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मानसून नुकसान रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में तबाही के कुल 479 मामले दर्ज किए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण पूरे जिले में 58 कच्चे और पक्के मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। इसके अलावा लगभग 150 अन्य घरों को भी आंशिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा है।

इस मानसून में सबसे अधिक वित्तीय चपत लोक निर्माण विभाग को लगी है। विभाग की संपत्तियों को 201 करोड़ 72 लाख 83 हजार रुपए का नुकसान पहुंचा है। वहीं जल शक्ति विभाग को 57 करोड़ 58 लाख रुपए और बिजली बोर्ड को एक करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक की क्षति उठानी पड़ी है।

आपदा से कृषि और बागवानी क्षेत्र भी अछूते नहीं रहे हैं। जिले में कृषि क्षेत्र को तीन करोड़ 84 लाख 41 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। इसके साथ ही बागवानी क्षेत्र में 10 लाख 74 हजार रुपए की क्षति आंकी गई है। बुनियादी ढांचे के साथ किसानों को भी काफी क्षति हुई है।

निजी संपत्ति के नुकसान में 29 कच्चे घर पूरी तरह तबाह हुए, जिससे 50 लाख 60 हजार रुपए की क्षति हुई। 24 पक्के मकान नष्ट होने से 33 लाख 20 हजार रुपए का नुकसान हुआ। इसके अलावा 28 पक्के और 113 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जिससे लाखों का नुकसान दर्ज किया गया।

आपदा के कारण 169 पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे 38 लाख 12 हजार रुपए का नुकसान हुआ। इसके साथ सात दुकानों को चार लाख 80 हजार रुपए और निजी डंगे को चार लाख 50 हजार रुपए की क्षति पहुंची। वहीं एक श्रमिक शेड, रसोई, स्नानघर या झोंपड़ी को 10 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। आपदा के मामलों में प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की जा रही है और नुकसान का विभागवार सटीक आकलन करने पर जोर दिया जा रहा है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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