Lahaul Spiti News: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लाहौल-स्पीति जिले के केलंग में आईसीएमआर केंद्र की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने परिसर में हिमालयी औषधीय पौधों का रोपण किया। इसके साथ ही उन्होंने वहां आयोजित वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन करके दुर्लभ औषधीय पौधों और शोध मॉडलों का अवलोकन किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह आईसीएमआर केंद्र पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यहां उच्च हिमालयी क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों, औषधीय पौधों पर शोध और स्थानीय लोगों से जुड़े विषयों पर आधुनिक अनुसंधान किया जाएगा। मोदी सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य अनुसंधान को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
नड्डा ने आगे बताया कि यह केंद्र सीमावर्ती और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सशस्त्र बलों और सेना के जवानों के लिए वरदान साबित होगा। यह संस्थान देश की सुरक्षा में लगे जवानों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे युवाओं को रोजगार और शोध के नए अवसर मिलेंगे।
यह केंद्र सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगा। संस्थान अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जवानों के शरीर में होने वाले बदलावों पर गहन शोध करेगा। इससे जवानों को अत्यधिक ऊंचाई पर होने वाली हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी गंभीर समस्याओं से मुक्ति दिलाने में काफी मदद मिलेगी।
यह केंद्र कठिन जलवायु और आपदा की स्थिति में पर्वतीय चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाएगा। संस्थान में टेलीमेडिसिन, ड्रोन-आधारित हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म का उपयोग होगा। इसके जरिए दूर-दराज की चौकियों और दुर्गम इलाकों में जरूरी दवाएं तथा राहत सामग्री आसानी से पहुंचाई जा सकेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और मंडी की सांसद कंगना रनौत मौजूद रहीं। इसके अलावा पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर, पूर्व विधायक रवि ठाकुर और कई जाने-माने वैज्ञानिक भी कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल रहे।
