Shimla News: शिमला जिला प्रशासन ने पटाखों के अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए बहु-विभागीय निगरानी व्यवस्था लागू की है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने तहसील स्तर पर संयुक्त निरीक्षण समितियों के गठन के आदेश दिए हैं। वहीं पुलिस प्रमुख मार्गों और सीमाओं पर विशेष नाके लगाकर वाहनों की गहन जांच करेगी।
शिमला जिला प्रशासन ने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए पटाखों के अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उपायुक्त (डीसी) अनुपम कश्यप ने इस संबंध में आदेश जारी कर तहसील और उप-तहसील स्तर पर संयुक्त निरीक्षण समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने विभिन्न विभागों को जोड़कर एक व्यापक बहु-विभागीय निगरानी व्यवस्था तैयार की है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त के आदेशानुसार, संयुक्त निरीक्षण समिति की अध्यक्षता संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार करेंगे। इस समिति में नायब तहसीलदार, संबंधित थाना प्रभारी, अग्निशमन विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य कर एवं आबकारी विभाग (जीएसटी), संबंधित नगर निकाय या पंचायती राज संस्थान और राजस्व विभाग के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। आवश्यकतानुसार संबंधित उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) अन्य अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर जोड़ सकेंगे। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में इन समितियों के कामकाज की निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सीमाओं और हाईवे पर विशेष नाके, वाहनों की होगी कड़ी जांच
जिला प्रशासन की यह निगरानी केवल दुकानों और गोदामों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिवहन पर भी सख्त पहरा रहेगा। शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा जिले के प्रमुख प्रवेश द्वारों, सीमावर्ती क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों और अंतर-जिला मार्गों पर विशेष पुलिस नाके और मोबाइल निरीक्षण टीमें तैनात की जाएंगी।
पटाखों का परिवहन करने वाले सभी वाहनों के विस्फोटक लाइसेंस, वैध परिवहन परमिट, जीएसटी बिल, ई-वे बिल, माल के स्रोत और गंतव्य के दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही पटाखों की मात्रा और सुरक्षा मानकों की भी जांच होगी। यदि कोई भी वाहन बिना वैध दस्तावेजों या तय नियमों के विपरीत पटाखे ले जाता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस बिक्री और अवैध भंडारण पर कसा जाएगा शिकंजा
गठित संयुक्त निरीक्षण समितियां दुकानों और गोदामों में पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े लाइसेंसों की वैधता की पड़ताल करेंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पटाखों का भंडारण केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त परिसरों में ही किया जाए।
निरीक्षण के दौरान परिसरों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पर्यावरणीय मानकों और भंडारण की तय सीमा से जुड़े नियमों की बारीकी से जांच होगी। यदि कहीं भी अवैध बिक्री, अनधिकृत कब्जा, अवैध भंडारण या गैर-कानूनी परिवहन का मामला सामने आता है, तो समिति द्वारा तुरंत संबंधित सक्षम अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।