Shimla News: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और लैंडस्लाइड के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 93 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा 23 बिजली ट्रांसफार्मर और 15 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। मानसून सीजन में अब तक 270 लोगों की जान जा चुकी है।
मौसम विभाग ने 12 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। हालांकि इस दौरान किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 10 सितंबर तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान नाहन में सबसे ज्यादा 53.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा नैना देवी में 46.2, जोगिंदरनगर में 39 और सराहन में 30.1 मिलीमीटर बारिश हुई। धौलाकुआं में 26.5, जटोन बैराज में 24, चौपाल और कसौली में 23-23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिले का सराज उपमंडल हुआ है। सराज में अकेले 32 सड़कें पूरी तरह ठप पड़ी हैं। कुल्लू के आनी में 12 और शिमला के जुब्बल में नौ सड़कें बंद हैं। कांगड़ा में सात, सिरमौर में पांच और सोलन व ऊना में तीन-तीन सड़कें अवरुद्ध हैं।
बारिश और लैंडस्लाइड से बिजली और पानी की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा है। कुल्लू के निरमंड और सिरमौर के नाहन में 10-10 ट्रांसफार्मर बंद हैं। हमीरपुर के बड़सर में सात और शिमला के रामपुर में पांच पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। चंबा के भटियात में भी तीन पानी की योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 270 लोगों की मौत हुई है। 492 लोग घायल हुए हैं और तीन लोग अब भी लापता हैं। हादसों में 467 मवेशियों की भी जान गई है। इसके अलावा 118 मकान पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
प्रदेश में मानसून के दौरान अब तक लगभग 1,242 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान आंका गया है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जिसे करीब 951 करोड़ रुपये की चपत लगी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली का काम लगातार जारी है।
