Shimla News: हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फ्रंट ने 21 जुलाई को शिमला स्थित सचिवालय के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और घेराव करने का ऐलान किया है। पेंशनरों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
संगठन ने प्रदेशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से इस विरोध प्रदर्शन में एकजुट होने का आह्वान किया है। फ्रंट ने सभी पेंशनरों से मंगलवार सुबह 10:30 बजे सचिवालय पहुंचने की अपील की है। इस आंदोलन में भारी संख्या में पूर्व कर्मचारियों के जुटने की संभावना है।
पेंशनर्स फ्रंट का आरोप है कि साल 2016 से 2022 के बीच रिटायर्ड हुए कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिला है। इन पेंशनरों को संशोधित पेंशन, बकाया एरियर और दूसरे वित्तीय लाभों का भुगतान अब तक पूरी तरह से नहीं किया गया है।
कई दौर की बैठकों के बाद भी नहीं निकला समाधान
मोर्चे के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। अनेक बार ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन शासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सरकार की इस अनदेखी से पूरे प्रदेश के बुजुर्ग पेंशनरों में भारी रोष व्याप्त है।
ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम ने कहा कि संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की आधिकारिक बैठकों में भी कोई हल नहीं निकल सका। उन्होंने साफ किया कि जब बातचीत के सारे रास्ते बंद हो गए, तब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
अध्यक्ष ने जिला, ब्लॉक और स्थानीय इकाइयों के प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में बुजुर्गों को शिमला लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। फ्रंट ने चेताया है कि यदि वित्तीय लाभ तुरंत न मिले, तो यह प्रदर्शन उग्र होगा।