Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की जोरदार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी शिमला सहित कई इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश जारी है। राज्य में भूस्खलन और मलबे के कारण 100 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बहुत बुरी तरह प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग ने 28 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस अवधि के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल प्रशासन की ओर से रेड अलर्ट की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में जारी किया अलर्ट
विभाग के अनुसार 23 जुलाई को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर बाकी 10 जिलों में अलर्ट रहेगा। वहीं 24 जुलाई को चम्बा, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा 25 जुलाई को शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चम्बा, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना में तथा 26 जुलाई को चार जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश शिमला के मशोबरा में 120 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसके साथ ही बिलासपुर के नैना देवी में 110 और ऊना के नंगल डैम में 90 मिलीमीटर पानी बरसा है। बिलासपुर के मलराउंन में 80, कुफरी, शिमला शहर और जतौंन बैरेज में 70 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बादल फटने और भूस्खलन से भारी नुकसान की खबर
कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने के बाद राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है। इस आपदा में चार गांवों के 18 मकान, नौ गोशालाएं और एक प्राइमरी स्कूल मलबे में दब गए। इस हादसे में तीन महिलाएं घायल हुई हैं और नौ मवेशियों की मौत भी हो चुकी है।
सिरमौर जिले में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे 17 सड़कें और 23 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। दो दिन बंद रहने के बाद बुधवार से स्कूल-कॉलेज दोबारा खोल दिए गए हैं। उधर कुल्लू के आनी, बंजार और निरमंड में सुरक्षा कारणों से सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बुधवार को पूरी तरह बंद रहे।