Shimla News: मंडी जिले के धर्मपुर के सिद्धपुर गांव में हाल ही में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हुआ है। बिना बड़े मैदानों के हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन परिस्थितियों में भी बेहतरीन काम किए जा सकते हैं। इस सफल आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संभावनाओं को नया बल मिला है।
खेल सुविधाओं का अभाव और युवाओं का पलायन
हिमाचल प्रदेश में खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा वर्षों से तैयार पड़ा है, लेकिन देखरेख के अभाव में वह खंडहर बनता जा रहा है। खेल विभाग में प्रशिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण कई जिलों में एक भी कोच नियुक्त नहीं है। सुविधाओं के अभाव में यहां के युवा खिलाड़ी पंजाब और अन्य पड़ोसी राज्यों के खेल विंगों का रुख करने को मजबूर हैं।
नशे से दूर रहने के लिए खेलकूद बेहद जरूरी
बदलती जीवनशैली के कारण किशोरावस्था से ही युवा नशे के अंधेरे में धंसते जा रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए मैदानों में युवाओं की संख्या बढ़ानी होगी। बजट में खेल सुविधाओं, आधुनिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति और मैदान कर्मचारियों के लिए विशेष धन का प्रावधान होना चाहिए ताकि ग्रामीण स्तर पर प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके।
स्कूली खेलकूद और खेल संघों के लिए वित्तीय मदद
स्कूली प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों से मिलने वाले खेल शुल्क के भरोसे चलती हैं, जिससे अक्सर धन की किल्लत बनी रहती है। खंड से लेकर राज्य स्तर तक की खेल प्रतियोगिताओं के लिए सरकार को अनिवार्य रूप से बजट देना चाहिए। साथ ही, राज्य का मौसम खेल प्रशिक्षण के लिए यूरोप व अमेरिका जैसा अनुकूल है, इसलिए यहां एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए।