हिमाचल में औद्योगिक इकाइयों के 1281 कंसेंट मामले लंबित, पंजाब मोर्चा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया कानूनी नोटिस।

Share

- Advertisement -

Solan News: हिमाचल प्रदेश के ऑनलाइन रिकॉर्ड में औद्योगिक इकाइयों के 1281 कंसेंट मामले लंबित पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। पंजाब मोर्चा ने नालागढ़ में बैठक कर मामले की जांच और बोर्ड अफसरों को कानूनी नोटिस भेजने का ऐलान किया है।

पंजाब मोर्चा के मुताबिक साल 2017 से 2026 तक के ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1281 मामले लंबित मिले हैं। इनमें सोलन-बद्दी इलाके के सबसे ज्यादा 469 मामले शामिल हैं। इसके अलावा सोलन-परवाणू में 134, कुल्लू में 167, कांगड़ा में 133 और सिरमौर में 109 मामले पेंडिंग हैं।

मोर्चा ने मांग की है कि इन लंबित मामलों का तुरंत वेरिफिकेशन किया जाए। इससे साफ होगा कि फैक्ट्रियां कानूनी मंजूरियों के साथ चल रही हैं या नहीं। जिन फैक्ट्रियों की मंजूरी या रिन्यूअल रुका हुआ है, उनका ग्राउंड इंस्पेक्शन कर रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में जारी किया जाए।

पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मामले पेंडिंग होना गंभीर बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेड कैटेगरी उद्योगों पर ढिलाई बरती जा रही है। इसका असर सतलुज नदी और पंजाब के जल पर पड़ेगा। उन्होंने इसे उत्तर भारत के पर्यावरण की जंग बताया।

गौरव राणा ने बताया कि मोर्चा की लीगल टीम प्रदूषण बोर्ड के सचिव और मेंबर सेक्रेटरी को लीगल नोटिस भेज रही है। यह नोटिस सोमवार तक अधिकारियों को मिल जाएगा। कार्यकर्ता अमितोज सिंह मान ने कहा कि आम जनता की जानकारी के लिए सभी फैक्ट्रियों का स्टेटस सार्वजनिक किया जाए।

चमकौर साहिब मोर्चा के नेता खुशविंदर सिंह ने बॉर्डर एरिया में निगरानी मजबूत करने की मांग की। माजरा गांव के कैप्टन हिम्मत सिंह और नरेश कुमार ने भी जमीनी स्तर पर जांच की बात कही। भगवंत सिंह, ऋतु रानी, निशु रानी और गुरदियाल सिंह ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News