हिमाचल प्रदेश से अगले दो से तीन दिनों में विदा हो जाएगा मानसून, 24 से 28 सितंबर के बीच बारिश के आसार

Share

- Advertisement -

Shimla News: हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के भीतर राज्य से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। प्रदेश में मानसून की विदाई के लिए सभी मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं।
सामान्य तौर पर हिमाचल से मानसून 25 सितंबर तक विदा हो जाता है। इस बार मानसून ने 30 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी। पिछले कुछ दिनों से राज्य भर में बारिश नहीं हुई है। मंगलवार को शिमला और मनाली समेत प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सुहावनी धूप खिली रही।
मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना जताई है। हालांकि 24 से 28 सितंबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने इस दौरान भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।
जम्मू और आसपास के इलाके में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने से 24 सितंबर से मौसम बदलेगा। वातावरण में नमी की कमी और हवा की दिशा में बदलाव से मानसून की विदाई तेजी से होगी। विभाग का कहना है कि बारिश का रुकना और हवाओं में बदलाव विदाई के मुख्य संकेत हैं।
इस साल मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य से लगभग 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत वर्ष 2025 में सामान्य से 42 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई थी। कम बारिश के बावजूद इस सीजन में आपदा के कारण भारी जान-माल का नुकसान देखने को मिला है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक जून से अब तक विभिन्न हादसों में 345 लोगों की जान गई है और 598 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 4 लोग अभी भी लापता हैं। सड़क हादसों में 206 लोगों की मौत हुई, जबकि 139 लोग लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की चपेट में आए।
मानसून के दौरान 142 घर, 17 दुकानें और 494 पशुशालाएं पूरी तरह तबाह हो गईं। इसके अलावा 523 मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। राज्य में बारिश के कारण प्रभावित हुई बुनियादी सुविधाओं की बहाली का काम युद्ध स्तर पर जारी है लेकिन सड़कें अभी भी बाधित हैं।
फिलहाल प्रदेश भर में 54 प्रमुख सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। इनमें मंडी जिले की 28, कांगड़ा की 10 और कुल्लू की 9 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 53 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं, जिनमें चंबा के पांगी में 28 और मंडी के गोहर में 24 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।
सड़कों और पुलों को पहुंचे नुकसान से अकेले लोक निर्माण विभाग को 2,744 करोड़ रुपये की बड़ी क्षति हुई है। मानसून सीजन में राज्य को अब तक कुल 3,218 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो चुका है। विभाग प्रभावित बुनियादी ढांचे को जल्द दुरुस्त करने में जुटा हुआ है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News