Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के चलते भूस्खलन और मलबे से 209 सड़कें बंद हो चुकी हैं। सिरमौर जिले के राजगढ़ में एक तीन मंजिला मकान गिरने से मां-बेटी की दुखद मौत हो गई और दो बच्चियां घायल हो गईं। मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश की आशंका जताई है।
प्रदेश में भारी बारिश के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक सड़कें बंद होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। 14 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने 13 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया है। इसके अलावा 14 से 16 अगस्त के दौरान हमीरपुर, सोलन, शिमला और ऊना समेत कई जिलों में तेज बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
मानसून सीजन के दौरान राज्य में अब तक 911 करोड़ रुपये का भारी नुकसान दर्ज किया गया है। बारिश और हादसों के कारण 173 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 271 लोग घायल हैं। इस दौरान 80 घर, 14 दुकानें और 238 पशुशालाएं पूरी तरह तबाह हो गईं, वहीं 278 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
पिछले 24 घंटों में सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे ज्यादा 80 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा जतौन बैरेज में 67 मिमी, धर्मशाला में 57 मिमी, पालमपुर में 54 मिमी और पांवटा साहिब में 50 मिमी बारिश हुई। राजधानी शिमला में बुधवार को धूप खिलने से राहत मिली।
सड़क परिवहन की बात करें तो सबसे ज्यादा 94 सड़कें मंडी जिले में ठप्प पड़ी हैं। इसके साथ ही कुल्लू में 60, शिमला में 21, सिरमौर में 11 और चंबा में 10 सड़कें बंद हैं। हालांकि, मंडी-कुल्लू और मंडी-जोगिंदरनगर नेशनल हाईवे को बहाल कर दिया गया है।
बारिश ने बिजली और पानी की आपूर्ति को भी प्रभावित किया है। प्रदेश में बंद पड़े 112 ट्रांसफार्मरों में से ज्यादातर को ठीक कर दिया गया है और अब केवल 19 बंद हैं। वहीं, शिमला, सिरमौर और चंबा समेत राज्य की कुल 70 पेयजल योजनाएं फिलहाल प्रभावित चल रही हैं।
सिरमौर के राजगढ़ स्थित छिछड़ियां गांव में साफ मौसम के बीच अचानक तीन मंजिला मकान ढह गया। मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाए जाने पर 60 वर्षीय निर्मला और उनकी 32 वर्षीय बेटी पूजा को मृत घोषित कर दिया गया। घायल दो बच्चियों का इलाज राजगढ़ अस्पताल में जारी है।
लाहुल-स्पीति के जहालमा नाले में आई बाढ़ और मलबे से चंद्रभागा नदी का बहाव रुक गया है। इससे जलस्तर बढ़ने के कारण जोबरंग पुल आधा पानी में डूब गया है। पुल डूबने से जोबरंग, राशेल और राहपे गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे ग्रामीणों की तैयार फसलें और जरूरत का सामान अटक गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 12 अगस्त तक हिमाचल में सामान्य से 7% कम बारिश हुई है। हालांकि चंबा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है। वहीं लाहुल-स्पीति में 51% और हमीरपुर में 47% कम बारिश दर्ज हुई है। प्रशासन ने लोगों को भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।