हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन योजना: अब दो लाख रुपये तक मिलेगा पुरस्कार, 31 दिसंबर तक करें आवेदन

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन योजना के तहत दी जाने वाली पुरस्कार राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन है।

क्या है आवेदन की प्रक्रिया और चयन का आधार?

महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। पात्र व्यक्ति और संस्थाएं 31 दिसंबर 2026 तक ऑफलाइन या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपने ऑनलाइन नामांकन भेज सकती हैं। आवेदन के साथ पिछले पांच कैलेंडर वर्षों के दौरान किए गए कार्यों का विस्तृत ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है।

चयन प्रक्रिया के दौरान व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय महिलाओं के उत्थान और सशक्तीकरण में दिए गए योगदान को मुख्य प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदकों को अपने वर्षवार कार्य, प्रमुख उपलब्धियां, संपर्क विवरण और पुरस्कार के क्षेत्र की पूरी जानकारी देनी होगी। साथ ही, अनुशंसा करने वाली संस्था या समूह का विवरण देना भी आवश्यक है।

कौन कर सकता है आवेदन और कैसे होता है चयन?

इस पुरस्कार के लिए व्यक्तिगत रूप से पात्र हिमाचली नागरिक, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ), पंजीकृत समितियां और ट्रस्ट आवेदन करने के पात्र हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और कला-संस्कृति के क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति बेहतर बनाने के लिए किए गए सराहनीय कार्य चयन का मुख्य आधार होंगे।

नामांकन प्रक्रिया के तहत एनजीओ, पंजीकृत सोसायटी, ट्रस्ट या कम से कम 15 व्यक्तियों के समूह की अनुशंसा पर भी आवेदन भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी विभाग और संस्थान भी पात्र व्यक्तियों तथा संस्थाओं के नाम सुझा सकते हैं। संबंधित जिलों के उपायुक्त आवेदकों द्वारा दी गई जानकारी और उनके कार्यों की प्रामाणिकता का सत्यापन करेंगे, जिसके बाद अंतिम प्रस्ताव राज्य स्तरीय चयन समिति को भेजे जाएंगे।

राज्य स्तरीय समिति तय करेगी नाम

पुरस्कार के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय चयन समिति के गठन का प्रावधान है। इस समिति में शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल तथा भाषा, कला एवं संस्कृति विभागों के प्रधान सचिव या सचिव बतौर सदस्य शामिल होते हैं, जबकि महिला एवं बाल विकास निदेशक इसके सदस्य सचिव की भूमिका निभाते हैं। गौरतलब है कि सरकार ने 17 फरवरी 2025 को जारी अधिसूचना के जरिए इस पुरस्कार की राशि को 21 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया था, जिसे अब बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की तैयारी है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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