Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर सरकार की नई नीति पर हाईकोर्ट ने गंभीर आपत्ति जताई है। अदालत ने मेरिट व्यवस्था को बदलकर शिक्षकों की पसंद के आधार पर स्कूल आवंटित करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को तय की गई है।
मेरिट सूची की जगह मनपसंद तैनाती के प्रस्ताव पर नाराजगी
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। राज्य सरकार ने लगभग नौ हजार सेवारत शिक्षकों की परीक्षा लेकर मेरिट सूची तैयार की थी। अदालत ने स्पष्ट पूछा कि जब योग्यता तय हो चुकी है, तो फिर पसंद के आधार पर आवेदन लेने का नियम क्यों लाया गया।
भुंतर गुरुद्वारा विवाद में डीसी कुल्लू बने केयरटेकर
कुल्लू के भुंतर स्थित श्री गुरु ग्रंथ साहिब गुरुद्वारा संपत्ति से जुड़े पुराने विवाद पर न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की एकल पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने एडीजे कुल्लू के आदेश को रद्द करते हुए उपायुक्त कुल्लू को रिसीवर और केयरटेकर नियुक्त किया है। सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर कब्जा सौंपने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने पाया कि राजस्व रिकॉर्ड में संपत्ति का मालिकाना हक सीधे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के नाम दर्ज है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह स्थल सार्वजनिक धार्मिक पूजा के लिए समर्पित रहा है। नियमानुसार उपायुक्त की अनुमति के बिना सिविल अदालत को सुनवाई का अधिकार नहीं था, इसलिए धार्मिक संपत्ति का संरक्षण अनिवार्य है।
अदालती ढांचे के फंड पर केंद्र सरकार को बनाया पक्षकार
मंडी के कांगनीधार में 152.59 करोड़ रुपये की लागत से बने नए न्यायिक परिसर के अतिरिक्त फंड मामले में मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की पीठ ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को पक्षकार बनाया है। राज्य सरकार ने केंद्र से 50 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी, जिस पर केंद्र से कदम उठाने को कहा गया है।
