Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कर्मचारी लंबे समय से नशे से जुड़े मामलों में संलिप्त पाया गया था।
संबंधित कर्मचारी के खिलाफ पुलिस थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई थी। जांच पूरी होने के बाद सरकार ने उसे नौकरी से हटाने का फैसला लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर को बर्खास्तगी के आधिकारिक आदेश प्राप्त हो चुके हैं।
विभागीय जांच के बाद आदेश जारी, सीएमओ ने की पुष्टि
सीएमओ बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि सरकार से कर्मचारी की बर्खास्तगी के आदेश मिल चुके हैं और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दर्ज मामलों और जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र के कर्मचारी का नाम आने से विभाग की छवि पर सवाल खड़े हो रहे थे। इसके बाद अधिकारियों ने दस्तावेज भेजकर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की थी।
बिलासपुर में अब तक 5 सरकारी कर्मचारी हो चुके हैं बर्खास्त
बिलासपुर जिले में नशे के मामलों में लिप्त कर्मचारियों पर सरकार लगातार शिकंजा कस रही है। जिले में अब तक 9 सरकारी कर्मचारियों के नाम ऐसे मामलों में सामने आए हैं। इनमें से 5 कर्मचारियों को पहले ही सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
बाकी बचे कर्मचारियों के मामलों में विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद उन पर भी सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। राज्य सरकार ने दोहराया है कि समाज और कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।