Shimla News: हिमाचल प्रदेश के वित्तीय हितों की रक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू दिल्ली रवाना होंगे। आगामी 18 और 19 सितंबर को नीति आयोग की अहम बैठक में वह शीर्ष अधिकारियों संग शामिल होंगे। इस दौरान केंद्र के सामने प्रदेश का वित्तीय पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
महत्वपूर्ण बैठक के लिए राज्य सरकार ने अपना आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अधिकारियों की प्रस्तुति को मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिल चुकी है। प्रधान सचिव देवेश कुमार और राज्य योजना सलाहकार रविन्द्र कुमार भी बैठक में मौजूद रहेंगे। सीएम सुक्खू खुद मंच से हिमाचल की आवाज बुलंद करेंगे।
राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी मुआवजे पर रहेगा मुख्य जोर
बैठक में राज्य सरकार का मुख्य फोकस वित्तीय कटौतियों पर रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा बंद किए गए राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने या विशेष सहायता देने की मांग उठाई जाएगी। इसके अलावा हर साल मिलने वाले तीन हजार करोड़ रुपये के जीएसटी मुआवजे की भरपाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा।
राज्य सरकार प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को जल्द जारी करने का आग्रह करेगी। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य नीति आयोग के मंच से पर्वतीय राज्य के वित्तीय अधिकारों को सुरक्षित करना है। फंड मिलने से राज्य में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
दिल्ली रवानगी से पहले ऊना और नादौन जाएंगे मुख्यमंत्री
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 16 सितंबर को ऊना जिले के दौरे पर रहेंगे। इसके अगले दिन यानी 17 सितंबर को वह नादौन प्रवास पर जाएंगे। माना जा रहा है कि नादौन से चंडीगढ़ होते हुए सीएम दिल्ली पहुंचेंगे, जबकि संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी 17 सितंबर को ही दिल्ली पहुंच जाएंगे।