हमीरपुर को मिली बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जोलसप्पड़ में किया देश के पहले सरकारी एलाइड एवं हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ

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Hamirpur: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को हमीरपुर के जोलसप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में देश के पहले सरकारी एलाइड एवं हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ किया। इस नए संस्थान के शुरू होने से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यावसायिक प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे।

हमीरपुर में एलाइड एवं हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को हमीरपुर के जोलसप्पड़ स्थित डॉक्टर आरकेजीएमसी एवं अस्पताल परिसर में एलाइड एवं हेल्थकेयर कॉलेज का औपचारिक उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद भी किया। इससे पहले, जसकोट हेलीपैड पहुंचने पर स्थानीय लोगों और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कॉलेज के शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़ी राहत मिलेगी। अब तक रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, प्रयोगशाला तकनीक और डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण विधाओं की पढ़ाई के अवसर केवल शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और टांडा मेडिकल कॉलेज तक सीमित थे।

कोर्स और सीटों का पूरा विवरण

अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेश नियमों के मुताबिक, हमीरपुर स्थित इस नए कॉलेज में शुरुआती चरण में चार मुख्य स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए कुल 210 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन कोर्सों के जरिए विद्यार्थियों को अस्पतालों में चिकित्सीय जांच, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन और उपचार प्रक्रियाओं में डॉक्टरों का सहयोग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए सीटों का निर्धारण इस प्रकार किया गया है:

  • बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी: 60 सीटें
  • बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस: 60 सीटें
  • बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी: 60 सीटें
  • बैचलर ऑफ डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी: 30 सीटें

भविष्य की योजनाएं और मशीनरी के लिए बजट

राज्य सरकार की योजना आने वाले समय में इस कॉलेज में कुल छह पाठ्यक्रमों के अंतर्गत 330 सीटें उपलब्ध कराने की है। प्रस्तावित भावी पाठ्यक्रमों में प्रयोगशाला विज्ञान, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ऑप्टोमेट्री और फिजियोथेरेपी में 60-60 सीटें तथा डायलिसिस तकनीशियन पाठ्यक्रम में 30 सीटें शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, यह कुल प्रस्तावित क्षमता मौजूदा प्रवेश सत्र की 210 सीटों से अलग है।

विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ मजबूत व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने कॉलेज में अत्याधुनिक मशीनरी और उपकरण खरीदने वास्ते 6.87 करोड़ रुपये का बजट जारी करने का निर्णय लिया है।

आईजीएमसी और टांडा में विकिरण थेरेपी कोर्स शुरू

स्वास्थ्य सेवाओं और कैंसर उपचार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ‘बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी’ पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। इन दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों में इस कोर्स के लिए 30-30 सीटों का वार्षिक प्रवेश लक्ष्य रखा गया है। इससे कैंसर के उपचार में काम आने वाली जटिल विकिरण तकनीक के क्षेत्र में कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो सकेगा।

स्टेट एलाइड एवं हेल्थकेयर काउंसिल के चेयरमैन विनोद चौहान ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र के अंतर्गत यह देश का अपनी तरह का पहला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज है। उन्होंने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री से इस संस्थान में अन्य नए और उपयोगी विषय शुरू करने का आग्रह किया जाएगा।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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