Fatehabad News: रतिया में बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर पगड़ी सम्भल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने एसडीएम को मांग पत्र सौंपा। किसानों ने प्रभावित परिवारों के लिए एक लाख रुपये प्रति किसान राहत राशि और विशेष गिरदावरी की मांग की है। मांगें न माने जाने पर डीसी कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी गई है।
पगड़ी सम्भल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा (ब्लॉक रतिया कमेटी) के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) रतिया को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा। यह प्रदर्शन बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए व्यापक नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान गुरलाल नथवान और जिला उप प्रधान गग्गी चहल ने संयुक्त रूप से की।
किसान प्रतिनिधियों ने मांग की कि जिन किसानों की फसलें बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ चुकी हैं, उन्हें आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार द्वारा एक लाख रुपये प्रति किसान मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।
विशेष गिरदावरी करवाकर तुरंत राहत दे सरकार: मनदीप नथवान
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पगड़ी सम्भल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसान पहले से ही कृषि लागत में निरंतर वृद्धि, महंगे बीज, रासायनिक खाद और डीजल के खर्चों के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे कठिन समय में प्राकृतिक आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक दयनीय बना दिया है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा सरकार बिना किसी देरी के प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी के आदेश जारी करे और वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा तय करे।
मांग पूरी न होने पर डीसी कार्यालय घेराव की चेतावनी
किसान नेताओं ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो आगामी 3 अक्टूबर को जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालय का घेराव किया जाएगा। राज्य प्रधान ने उपस्थित किसानों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
इस मौके पर किसान नेताओं और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें जिला प्रधान ओमप्रकाश, सुखदीप रंधावा, गगन मान हड़ोली, पाल संधू, इंद्रजीत समरा, हाकम खाई, प्रगट खोखर, प्रेम खोखर, प्रदीप शेखूपुर, जरनैल रतिया, रूप खोखर, दुल्ला खोखर, गुरप्रीत एमसी, सुखविंदर सिंह, रमेश कुमार, जगतार सिंह हड़ोली सहित मजदूर यूनियन के प्रधान राजा सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।