Kullu: कुल्लू दशहरा उत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कई अहम घोषणाएं की हैं। इसके तहत देवी-देवताओं और बजंतरियों के नजराने में बढ़ोतरी करने के साथ ही अदरक का समर्थन मूल्य बढ़ाने और महिला मंडलों को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
कुल्लू दशहरा उत्सव में मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है, जिसमें कुल्लू घाटी और आसपास के क्षेत्रों से देवी-देवताओं की पालकियां ढालपुर मैदान में पहुंचती हैं। इस भव्य आयोजन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि देवी-देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह नजराना उन परंपराओं के लिए दिया जाता है जो उत्सव में शामिल देवी-देवताओं से जुड़ी होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हिमाचल की संस्कृति को देश और दुनिया तक पहुंचाने का एक मुख्य माध्यम भी है।
बजंतरियों और गुर के लिए वित्तीय लाभ
इस पारंपरिक उत्सव में बजंतरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो देवी-देवताओं की शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रमों में पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बजंतरी संघ के नजराने में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने का ऐलान किया है। इसके अलावा, देवी-देवताओं के साथ आने वाले प्रत्येक गुर को ₹1100 की राशि देने का आश्वासन भी दिया गया है। स्थानीय देव परंपरा में गुर को देवता का संदेश वाहक माना जाता है।
महिला मंडलों और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा
ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने वाली महिला मंडलों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ₹35,000 की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। इस सहायता राशि से महिला मंडलों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कुल्लू और प्रदेश के अन्य हिस्सों में अदरक की खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने अदरक का समर्थन मूल्य ₹30 प्रति किलो से बढ़ाकर ₹40 प्रति किलो कर दिया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का अधिक लाभ मिल सकेगा।
सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास
क्षेत्र में पर्यटन और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने मणिकर्ण सड़क के लिए ₹5 करोड़ और भुंतर में सीवरेज व्यवस्था के सुधार के लिए ₹27 करोड़ देने का आश्वासन दिया है। मणिकर्ण कुल्लू जिले का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, और सड़क की बेहतर स्थिति से स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी को घटाकर 4 प्रतिशत करने के प्रावधान पर भी चर्चा की गई है, जिससे पात्र महिलाओं को संपत्ति खरीदने में आर्थिक राहत मिल सकेगी।