पंजाब विधानसभा में गरमाया पानी का मुद्दा, सीएम मान ने एसवाईएल की जगह वाईएसएल का दिया सुझाव

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Chandigarh News: पंजाब विधानसभा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के जल अधिकारों, करतारपुर साहिब कॉरिडोर और सिंचाई सुधारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ रुपये की रॉयल्टी की मांग की और एसवाईएल के स्थान पर यमुना-सतलुज लिंक (वाईएसएल) का सुझाव दिया। इसके अलावा, पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैचों के सफल आयोजन से 2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी हासिल करने की बात भी कही।

पंजाब विधानसभा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के पानी के अधिकार, करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने और सिंचाई व्यवस्था के विस्तार को लेकर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पानी राज्य का विषय है और पंजाब अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी स्तर से लेकर सड़कों तक हर मोर्चे पर संघर्ष करेगा।

करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह पहले खुला था, तब किसी तरह की परेशानी नहीं आई थी। दोनों तरफ के लोगों के बीच आपसी प्रेम है और श्रद्धालु आज भी दर्शन के लिए अरदास करते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार से भी संपर्क साधा गया है। भारत-पाकिस्तान तनाव का असर सीमावर्ती गांवों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेलों और धार्मिक मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए।

राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ की रॉयल्टी और वाईएसएल का सुझाव

पानी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजस्थान वर्ष 1960 तक पंजाब को रॉयल्टी देता रहा था, लेकिन अब पंजाब से मुफ्त पानी लेकर आगे बेच रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस आधार पर पंजाब का 1.44 लाख करोड़ रुपये का रॉयल्टी का हक बनता है।

मान ने कहा कि रावी और ब्यास के पानी की मांग तो पंजाब से की जाती है, लेकिन यमुना के पानी से जुड़ी बैठकों से पंजाब को दूर रखा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुनर्गठन से पहले पंजाब और हरियाणा एक थे और यमुना में पंजाब का भी हिस्सा था, तो अब राज्य की अनदेखी क्यों की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) के स्थान पर यमुना-सतलुज लिंक (वाईएसएल) बनाने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा को पानी मिल सकेगा और बचा हुआ पानी सतलुज में डाला जा सकेगा, क्योंकि वर्तमान में सतलुज की स्थिति नाले जैसी हो गई है। बिना पानी के केवल नहर निर्माण की बात करने का कोई औचित्य नहीं है।

भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड पर सवाल और सिंचाई में सुधार का दावा

मुख्यमंत्री ने भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी), बांधों और हेडवर्क्स के नियंत्रण में आने वाली अड़चनों का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में बांधों का नियंत्रण राज्य सरकारों के पास है, जबकि पंजाब के अधिकारों पर बार-बार सवाल उठाए जाते हैं।

सिंचाई व्यवस्था की उपलब्धियां साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में नहरों से सिंचाई का दायरा 22 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके लिए लगभग 14 हजार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। 40 वर्षों से बंद पड़ी कंडी नहर को चालू कर पहाड़ी क्षेत्रों तक पानी लिफ्ट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों से भूजल स्तर में एक से पांच मीटर तक का सुधार दर्ज किया गया है।

सदन में विपक्ष के रवैये पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने पानी से जुड़े प्रस्ताव के दौरान सदन से बाहर जाने पर विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब राज्य के पानी की सुरक्षा का अहम प्रस्ताव लाया जा रहा था, तब विपक्षी सदस्य सदन छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हितों की रक्षा करती रहेगी। साथ ही, उन्होंने बताया कि सरकार बिजली योजना और मावां-धीयां योजना सहित अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं के साथ जनता के बीच जाकर संवाद करेगी।

2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी पर पंजाब की नजर

खेलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश को मिल्खा सिंह, दारा सिंह, ओलंपियन सुरजीत सिंह और बलबीर सिंह जैसे महान खिलाड़ी दिए हैं। वर्तमान भारतीय हॉकी टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी पंजाब से हैं और बेंच पर मौजूद चार में से तीन खिलाड़ी भी इसी राज्य के हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के तहत जालंधर के बल्टन पार्क में मलेशिया बनाम चीन और शाम को भारत बनाम बांग्लादेश के मैच आयोजित होंगे। वहीं मोहाली में तीन और चार तारीख को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का सफल आयोजन होता है, तो 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी हासिल करने का रास्ता खुल सकता है।

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