Shimla News: शिमला पुलिस ने पूर्व पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में 22 अक्टूबर को सदर पुलिस स्टेशन में यह केस दर्ज हुआ। इसमें धोखाधड़ी, वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा है। फिलहाल गांधी कार्मिक विभाग में पदस्थ हैं।
पुलिस कांस्टेबल की शिकायत और फंड में अनियमितता के आरोप
कैथु पुलिस लाइन्स में तैनात एक कांस्टेबल की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। कांस्टेबल का आरोप है कि आधिकारिक काम के लिए खर्च किए गए 1.87 लाख रुपये उसे वापस नहीं मिले। बिल मंजूर होने के बावजूद पैसा खाते में नहीं आया। फरवरी 2026 में वाउचर पर दस्तखत कराए गए, लेकिन राशि नहीं दी गई।
शुरुआती जांच में जिला पुलिस फंड से लगभग 2.35 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। वहीं पूर्व एसपी संजीव कुमार गांधी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि रोड सेफ्टी फंड में गड़बड़ी उजागर करने की वजह से उन पर यह कार्रवाई बदला लेने के लिए की गई है।
सड़क सुरक्षा फंड की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई
गांधी ने 30 करोड़ रुपये के रोड सेफ्टी फंड के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की थी। पुलिस हेडक्वार्टर ने पहले इस मांग को जल्दबाजी बताया था, लेकिन अब आंतरिक ऑडिट के आदेश दिए गए हैं। गांधी का कहना है कि वे भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुका रहे हैं और वे कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।