Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के तीसा में ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करने की कला सिखाई गई.
उद्योग विभाग की रैंप योजना के तहत निटकान लिमिटेड और विकास खंड कार्यालय तीसा के सहयोग से यह शिविर आयोजित हुआ. इसमें स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के 23 प्रतिभागियों ने भाग लिया. विशेषज्ञों ने उन्हें सही ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावसायिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बिजनेस प्लान तैयार करने, उद्यम पंजीकरण और उत्पादों के सही मूल्य निर्धारण का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया. इस दौरान शुभम शर्मा ने युवाओं को उद्यमिता अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. आने वाले महीनों में चंबा में आठ से 10 और ऐसे कार्यक्रम आयोजित होंगे.
सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहयोग की दी जानकारी
खंड विकास अधिकारी तीसा गोपाल सिंह ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले वित्तीय सहयोग की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता का सही लाभ उठाकर जमीनी स्तर पर सफल उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं.
सत्र के अंत में प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 23 प्रतिभागियों को उद्योग विभाग की ओर से प्रमाण पत्र वितरित किए गए. इस पहल से ग्रामीण इलाकों में नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है. विशेषज्ञ सलाह से स्थानीय युवा अब अपने व्यापारिक विचारों को धरातल पर उतारेंगे.
