Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में स्थित गोबिंद सागर झील के ज्योरी पत्तन टापू में अगस्त के मध्य के बाद आइलैंड टूरिज्म शुरू होने जा रहा है। इसके माध्यम से बिलासपुर को ईको टूरिज्म, वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर का मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में इस योजना को लेकर अहम फैसले लिए गए।
अंडमान-निकोबार की तर्ज पर विकसित हो रहे बिलासपुर के टापू
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट के तहत गोबिंद सागर झील के प्राकृतिक द्वीपों को आधुनिक सुविधाओं के साथ संवारा जा रहा है। ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू टापू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। हिमाचल में अपनी तरह की यह पहली अनोखी पर्यटन पहल है।
पर्यटकों को मिलेंगी रुकने, खाने और मनोरंजन की सुविधाएं
झील के द्वीपों पर पर्यटकों के रुकने के लिए वर्ल्ड क्लास और आरामदायक कॉटेज बनाए जा रहे हैं। यहां आने वाले लोगों को स्थानीय बिलासबुरी व्यंजनों के साथ नाश्ता, लंच और डिनर परोसा जाएगा। इसके अलावा पर्यटकों के लिए प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग और आसपास के दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
हिमाचली संस्कृति का अनुभव और रोजगार के नए अवसर
पर्यटकों के मनोरंजन के लिए स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। हस्तशिल्प और पारंपरिक कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इस पहल से सेल्फ हेल्प ग्रुप्स, स्थानीय शिल्पकारों और युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कोल डैम और नकराणा में भी वाटर स्पोर्ट्स की तैयारी
बैठक में मंडी-भराड़ी, कोल डैम और नकराणा क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को उपयुक्त जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। उद्यमियों की समस्याओं को हल करने के लिए जल्द ही बीबीएमबी अधिकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।