Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश सरकार आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने हमीरपुर जिले के धनेटा क्षेत्र में करीब 75 एकड़ जमीन चिह्नित की है। यहां एम्स की तर्ज पर एक आधुनिक और बड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
चैलेंज फंड योजना के तहत केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
कैबिनेट ने इस परियोजना को केंद्र सरकार की चैलेंज फंड योजना के तहत मंजूरी दिलाने के लिए प्रस्ताव पास कर दिया है। विस्तृत प्रस्ताव जल्द केंद्र को भेजा जाएगा। राज्य सरकार को जमीन के साथ सड़क, बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाएं भी विकसित करनी होंगी। बेहतर व्यवस्था करने पर अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
300 करोड़ का निवेश और केंद्र से बड़ी मदद
परियोजना के लिए राज्य सरकार को लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा। इसके बाद केंद्र सरकार से करीब 1000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कई अन्य राज्य भी दावेदारी कर रहे हैं। इस कारण हिमाचल को चैलेंज फंड के तहत कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
1500 से ज्यादा लोगों को मिलेगी नई नौकरी
परियोजना को हरी झंडी मिलते ही राज्य में 1500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, तकनीशियनों और सुरक्षा कर्मियों के पदों पर नियुक्तियां होंगी। अस्पताल के निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय मजदूरों और कारीगरों को भी काम मिलेगा।
हेल्थ टूरिज्म को मिलेगी नई वैश्विक पहचान
आयुर्वेदिक एम्स बनने से हिमाचल पारंपरिक चिकित्सा और आधुनिक रिसर्च का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनेगा। इससे राज्य के हेल्थ टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी। साथ ही प्रदेश के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और मेडिकल रिसर्च के नए रास्ते भी खुलेंगे।