Kangra News: करवाचौथ से पहले कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज में रिश्तों की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। गंभीर बीमारी से जूझ रही पत्नी को बचाने के लिए पति ने अपनी किडनी दान कर दी। वहीं दूसरे मामले में एक बड़ी बहन ने अपनी छोटी बहन की जान बचाई है।
ज्वालामुखी निवासी 58 वर्षीय महिला ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित थीं और उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। दंपती की डॉक्टर बेटी ने माता-पिता को ट्रांसप्लांट के लिए प्रेरित किया। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने सफल सर्जरी कर महिला को नया जीवन दिया, जिसके बाद उन्हें छुट्टी मिल गई।
चंबा की युवती को बड़ी बहन ने दी किडनी, अब तक अस्पताल में 29 सफल ट्रांसप्लांट
दूसरे मामले में चंबा के चुराह निवासी 28 वर्षीय युवती डायलिसिस पर थीं। उनकी जान बचाने के लिए बड़ी बहन आगे आईं और अपनी किडनी दान की। सामाजिक संगठनों के आर्थिक सहयोग से यह ट्रांसप्लांट पूरा हुआ। दोनों मरीज फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अभिनव राणा ने बताया कि एक महीने के भीतर दो सफल ट्रांसप्लांट किए गए हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज में अब तक 29 सफल किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। इस सफल ऑपरेशन में डॉ. अमित शर्मा, डॉ. कुशल कुमार, डॉ. दिव्यम शर्मा और एनेस्थीसिया टीम का अहम योगदान रहा।