Berhampur News: ओडिशा के बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज में बेहद दुर्लभ स्थिति में जन्मे जुड़े हुए जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। इन बच्चों के दो सिर और दो रीढ़ की हड्डियां थीं, जबकि बाकी धड़ एक ही था। जन्म के एक हफ्ते बाद गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल की अधीक्षक सुदीपा दास के अनुसार, बच्चों का जन्म 11 अक्टूबर को हुआ था। कंधमाल जिले के दूरदराज गांव की 22 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर महिला की यह पहली डिलीवरी थी। डॉक्टरों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के इतिहास में ऐसा दुर्लभ मामला पहली बार सामने आया था, जिसे बचाने के भरसक प्रयास किए गए।
3 लाख में से एक केस: डाइसेफेलिक पैरापैगस की स्थिति
पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों के अनुसार यह दुर्लभ केस ‘डाइसेफेलिक पैरापैगस’ का था, जो तीन लाख जन्मों में किसी एक में मिलता है। पुरुष शिशु का वजन 2.25 किलोग्राम था। बच्चे के दो सिर, दो गर्दन और दो रीढ़ थीं, लेकिन हाथ-पैर की केवल एक जोड़ी, एक दिल और एक ही लिवर मौजूद था।
जन्म के एक दिन बाद ही शिशु को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी थी। स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में लगातार इलाज और सर्जरी के प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। सदमे में आए माता-पिता द्वारा शव लेने से हिचकने पर गंजाम जिला प्रशासन ने समझाइश देकर शव गांव भिजवाया।
