New Delhi News: शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर अधिक होना ज्यादा रेड ब्लड सेल्स बनने या प्लाज्मा की कमी का संकेत देता है। यह स्थिति खुद में कोई बीमारी नहीं है, लेकिन किसी बड़ी समस्या का लक्षण हो सकती है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाने का मुख्य काम करता है।
नॉर्मल रेंज और इसके बढ़ने के प्रमुख कारण
पुरुषों में सामान्य स्तर 13.8 से 17.2, महिलाओं में 12.1 से 15.1 और बच्चों में 11 से 16 g/dl होना चाहिए। पुरुषों में 17.2 और महिलाओं में 16 से ऊपर स्तर खतरनाक माना जाता है। इसके मुख्य कारणों में पॉलिसेथेमिया वेरा ब्लड कैंसर, फेफड़े की बीमारी, धूम्रपान, डिहाइड्रेशन, प्रदूषण और किडनी की समस्या शामिल है।
हाई हीमोग्लोबिन के मुख्य लक्षण और स्वास्थ्य खतरे
इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना, थकान, सांस लेने में तकलीफ, हाथ-पैरों का लाल होना और महिलाओं में अधिक ब्लीडिंग शामिल हैं। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह ब्लड क्लॉट, स्ट्रोक, हार्ट अटैक, हाइपरटेंशन, अंगों में रक्त प्रवाह कम होने और स्प्लीन बढ़ने का खतरा पैदा करता है।
बचाव के लिए धूम्रपान से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, लगातार बैठने से परहेज करें और बिना डॉक्टरी सलाह के आयरन सप्लीमेंट्स न लें। वजन, शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें। यदि लगातार सिरदर्द, थकान, सांस लेने में दिक्कत या टेस्ट रिपोर्ट में स्तर अधिक बना रहे, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।