Delhi News: मानसून के मौसम में भुट्टा खाना सभी को पसंद होता है। अक्सर हम भुट्टे के पतले रेशों को बेकार समझकर कचरे में फेंक देते हैं। हालांकि, ये रेशे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इनका सही तरीके से सेवन करने पर स्वास्थ्य को कई बेहतरीन लाभ मिल सकते हैं।
भुट्टे के रेशों में कैलोरी बहुत कम होती है, जबकि फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और कई आवश्यक मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें शुगर बिल्कुल नहीं होती। पारंपरिक घरेलू उपायों में इनका इस्तेमाल कई समस्याओं से राहत पाने के लिए चाय के रूप में किया जाता रहा है।
शरीर की सूजन और अन्य बीमारियों में भुट्टे के रेशों के लाभ
इन रेशों में मौजूद तत्व शरीर की हल्की सूजन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा, पेशाब के रास्ते में होने वाली हल्की जलन या असुविधा में भी यह चाय राहत पहुंचाती है। कुछ शोधों के अनुसार, यह ड्रिंक ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
गुर्दे की पथरी और यूरिन संबंधी समस्याओं में भी कई लोग भुट्टे के रेशों की हर्बल चाय पीना पसंद करते हैं। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति के शरीर पर अलग हो सकता है। यह शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक तत्वों से बचाकर फ्री-रेडिकल्स से रक्षा करने में मदद करती है।
घर पर भुट्टे के रेशों की चाय बनाने का सही तरीका
इस सेहतमंद चाय को बनाने के लिए एक मुट्ठी ताजा भुट्टे के रेशे और दो कप पानी लें। सबसे पहले रेशों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद दो कप पानी में इन्हें दो से तीन मिनट तक उबालें। फिर पानी छानकर हल्का गर्म या ठंडा पिएं।
यदि आप चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा सा नींबू का रस या एक चुटकी दालचीनी पाउडर भी मिला सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में एक कप चाय का सेवन पर्याप्त होता है। किसी भी स्थिति में इसका अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।
किन लोगों को भुट्टे के रेशों की चाय पीने से बचना चाहिए
गर्भवती महिलाओं को भुट्टे के रेशों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, जो लोग हाई ब्लड प्रेशर या गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं, वे इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। यदि आप पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं ले रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें।
ध्यान रखें कि यह घरेलू उपाय केवल एक सहायक तरीका है, किसी गंभीर बीमारी का पक्का इलाज नहीं। यदि आप किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे हैं या कोई नियमित दवा ले रहे हैं, तो इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत जरूरी है।