Chennai News: दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रख्यात प्लेबैक सिंगर जमुना रानी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
तमिल, कन्नड़ और मलयालम सहित कई भाषाओं में गाए 6,000 से अधिक गाने
जमुना रानी ने अपने लंबे और शानदार संगीत करियर में तमिल, कन्नड़, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में 6,000 से अधिक गीतों को अपनी सुरीली आवाज दी। उन्होंने ‘कुंगुमापूवे कोंजुम पुरावे’ जैसे कई कालजयी और यादगार गानों से भारतीय संगीत जगत में अपनी एक खास और अमिट पहचान बनाई।
सात साल की उम्र में तेलुगु फिल्म ‘त्यागय्या’ से किया था प्लेबैक डेब्यू
आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली जमुना रानी ने महज 7 साल की उम्र में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘त्यागय्या’ से अपने सफर का आगाज किया। इसके बाद 1952 में फिल्म ‘कल्याणी’ के जरिए उन्होंने तमिल सिनेमा में कदम रखा और एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए।
‘कलईमामणि’ और ‘अन्ना पुरस्कार’ से तमिलनाडु सरकार ने किया था सम्मानित
दक्षिण भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग में उनके अमूल्य योगदान के लिए तमिलनाडु सरकार ने 1998 में उन्हें प्रतिष्ठित ‘कलईमामणि पुरस्कार’ से नवाजा था। इसके अलावा उन्हें ‘अन्ना पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया। उनके निधन पर सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसक और हस्तियां उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दे रहे हैं।