Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में 12,405 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एनआईओएस से 18 महीने का डीएलएड करने वाले पात्र सेवारत शिक्षकों को आवेदन का अवसर दिया है। अभ्यर्थी 11 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा कर सकते हैं, जबकि लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को आयोजित होगी।
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। प्रदेश के शहरी क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के संबद्ध प्राइमरी प्रभाग में कुल 12,405 सहायक शिक्षक पदों के लिए आवेदन पोर्टल फिर से खोल दिया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) से 18 महीने का डीएलएड (ओडीएल) करने वाले विशिष्ट सेवारत शिक्षकों को इस भर्ती में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
आयोग द्वारा तय किए गए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पात्र अभ्यर्थी 11 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म में किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार के लिए 13 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन पूर्व निर्धारित तिथियों 3 और 4 दिसंबर 2026 को ही कराया जाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आयोग ने खोला पोर्टल
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यह कदम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 5 नवंबर के अंतरिम आदेश के बाद उठाया है। अभिषेक पाठक और 44 अन्य याचियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन की अनुमति देने का निर्देश दिया था।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, न्यायालय के फैसले के क्रम में एनआईओएस से 18 माह का डीएलएड करने वाले पात्र सेवारत शिक्षकों के लिए 6 नवंबर 2026 से पोर्टल दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 11 नवंबर तक अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
पात्रता की शर्तें और अंतिम आदेश के अधीन रहेगी उम्मीदवारी
आयोग के उप सचिव डॉ. संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस राहत का लाभ सभी एनआईओएस डीएलएड धारकों को नहीं मिलेगा। केवल वही सेवारत शिक्षक आवेदन करने के पात्र होंगे, जो 10 अगस्त 2017 को सेवा में कार्यरत थे और जिन्होंने 1 अप्रैल 2019 से पहले एनआईओएस के माध्यम से 18 महीने का डीएलएड-ओडीएल पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।
इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ किया है कि इन सभी अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी उच्च न्यायालय में विचाराधीन याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। कोर्ट के आदेश पर केवल आवेदन की अनुमति दी गई है, इसे चयन प्रक्रिया में अंतिम पात्रता की पुष्टि नहीं माना जाएगा। भर्ती में उनकी स्थिति अदालत के अंतिम निर्णय पर ही निर्भर करेगी।