आईआईटी मंडी ने तैयार किया देसी मरीन रोबोट, मिला पेटेंट और मिली विश्व स्तरीय पहचान

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Mandi News: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने पानी के भीतर 300 मीटर गहराई तक काम करने वाला स्वदेशी रोबोट तैयार किया है। इसके खास डिजाइन को पेटेंट भी मिल गया है। संस्थान की सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स लैब में डॉ. जगदीश कदियम ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा की है।

एडवांस तकनीक और सेंसर्स से लैस रोबोट

मंडी आईआईटी के इस रोबोट में कम दृश्यता वाले पानी में काम करने के लिए एडवांस सेंसर, कैमरे, अल्ट्रासोनिक और ऊर्जा कुशल थ्रस्टर सिस्टम लगाए गए हैं। इसका पूरा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर पूरी तरह स्वदेशी और मॉड्यूलर है। रोबोट का ढांचा बेहद मजबूत और आधुनिक है।

हाइब्रिड प्रोपल्शन तकनीक पर आधारित यह रोबोट मछली जैसे बायो इंस्पायर्ड आकार में बना है। यह पानी के तेज बहाव और वजन के बावजूद खुद को स्थिर रख सकता है। यह रोबोटिक्स, ओशन ऑब्जर्वेशन और अंडरवाटर इंटरवेंशन में शोध के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी मानी जा रही है।

गोताखोरों का जोखिम कम करेगा यह सिस्टम

यह रोबोट समुद्री अभियानों के अलावा बांधों, पुलों, खोज और बचाव कार्यों, एक्वाकल्चर तथा रक्षा क्षेत्र में उपयोगी रहेगा। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी इलाकों में स्थित बांधों और जलाशयों के निरीक्षण में इससे मदद मिलेगी। इससे पानी में उतरने वाले गोताखोरों के जीवन का जोखिम काफी हद तक कम हो जाएगा।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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