Sonipat News: सोनीपत के मुरथल रोड स्थित पार्क निदान अस्पताल में बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सिविल अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद मुरथल थाना पुलिस ने डॉ. विजेता दहिया समेत दो डॉक्टरों के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
शिकायत दर्ज होने के 89 दिन बाद हुई इस पुलिस कार्रवाई को मृतका के परिजनों ने न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है। गांव खेवड़ा निवासी रोहित ने 30 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी मां संतोष देवी की मौत अस्पताल के डॉक्टरों के सही इलाज न करने की वजह से हुई।
ऑपरेशन के दौरान आंत कटने से फैला पूरे शरीर में संक्रमण
शिकायत के अनुसार संतोष देवी को पेट दर्द के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में बच्चेदानी में रसोलियां पाई गईं। डॉक्टरों की सलाह पर 26 मार्च को दूरबीन विधि से सर्जरी की बात कहकर ऑपरेशन किया गया। लेकिन परिजनों का आरोप है कि बाद में मरीज का पेट खोलकर बड़ा ऑपरेशन कर दिया गया।
सर्जरी के बाद महिला को लगातार तेज दर्द बना रहा और केवल दर्द निवारक इंजेक्शन दिए जाते रहे। सीटी स्कैन कराने पर आंत में संक्रमण का पता चला। डॉक्टरों ने स्वीकार किया कि ऑपरेशन के दौरान आंत कट गई थी। इसके बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया, लेकिन 31 मार्च को मरीज की दर्दनाक मौत हो गई।
मेडिकल बोर्ड ने इलाज के बाद की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
पुलिस की जांच के तहत सिविल अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने पूरे मामले की गहन समीक्षा की। बोर्ड ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि महिला की स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन करने का फैसला तो सही था। साथ ही तकनीकी दिक्कतों के कारण दूरबीन सर्जरी को ओपन सर्जरी में बदलना भी चिकित्सकीय दृष्टि से उचित था।
हालांकि मेडिकल बोर्ड ने ऑपरेशन के बाद दी गई चिकित्सा देखभाल और निगरानी की प्रक्रिया पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बोर्ड की रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही पाए जाने के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। फिलहाल मुरथल थाना पुलिस पूरे मामले की कानूनी जांच कर रही है।