Una News: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम पास प्रणाली में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं के पास जारी करने वाले सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में संदिग्ध लेन-देन मिलने के बाद मंदिर प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंदिर अधिकारी संजीव कुमार ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड की जांच के दौरान भारी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। बीती 19 जून के रिकॉर्ड में कई ऐसी प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें भुगतान का जरिया क्यूआर कोड दिखाया गया था। हालांकि, उन सभी प्रविष्टियों में एक ही ट्रांजेक्शन आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज था।
सॉफ्टवेयर जांच में सामने आए 80 संदिग्ध डिजिटल लेन-देन
सामान्य डिजिटल पेमेंट व्यवस्था में एक ही आईडी और मोबाइल नंबर से ऐसे बहुसंख्यक लेन-देन होना संभव नहीं माना जाता। पुलिस की शुरुआती जांच में उस खास तारीख के करीब 80 डिजिटल ट्रांजेक्शन पूरी तरह संदिग्ध पाए गए हैं। मंदिर प्रशासन अब सॉफ्टवेयर के पूरे डाटा का गहनता से विश्लेषण करवा रहा है।
माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को लिफ्ट गेट के माध्यम से दर्शन कराने के लिए पास की विशेष सुविधा दी जाती है। मंदिर न्यास ने व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 8 अगस्त 2023 को सुगम दर्शन प्रणाली लागू की थी। इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को कम करना था।
पुलिस कर रही है मामले की गहनता से जांच
जिले के एसपी सचिन हीरेमठ ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम पूरे प्रकरण की गहनता से पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस संदिग्ध लेन-देन के पीछे किन लोगों का हाथ है और कुल कितनी रकम की हेराफेरी हुई है।
चिंतपूर्णी से पहले हमीरपुर जिले के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर द्योतसिद्ध में भी चढ़ावे की चांदी में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि, उस समय हमीरपुर के डीसी ने स्थिति साफ करते हुए कहा था कि यह विवाद केवल लिखने की गलती के कारण हुआ था और मंदिर की चांदी में कोई हेराफेरी नहीं हुई है।