हिमाचल के बीबीएन में लीज की आड़ में बाल्द नदी में अवैध खनन, ग्रामीणों ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

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Baddi News: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बाल्द नदी पर अवैध खनन का काला साया मंडरा रहा है। खनन माफिया लीज की आड़ में करोड़ों रुपये की प्राकृतिक संपदा को सरेआम लूट रहा है। संबंधित प्रशासनिक विभाग इस गंभीर मामले पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।

बद्दी तहसील के काठा क्षेत्र में बाल्द नदी को लीज की आड़ लेकर 30 से 50 फीट गहराई तक खोद दिया गया है। ग्रामीणों द्वारा पट्टे पर दी गई जमीनों पर माफिया ने बेहद गहरी खदानें बना दी हैं। विरोध करने पर खनन माफिया स्थानीय लोगों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और मारपीट करने पर उतारू हो जाता है।

स्थानीय निवासी गुरदीप सिंह और दीपू का कहना है कि प्रशासन ने केवल 3 फीट तक खनन की मंजूरी दी थी। इसके विपरीत माफिया ने 30 से 50 फीट तक खुदाई कर नदी की दशा ही बिगाड़ दी है। अंधाधुंध खुदाई से नदी का प्राकृतिक बहाव रुक रहा है, जिससे खेती, पानी और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।

बिजली के टावरों पर मंडराया खतरे का काला साया

अवैध खुदाई के कारण नदी के बीच में लगे बिजली विभाग के पोल और हाईटेंशन टावर ढहने की कगार पर पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम बद्दी, जिला खनन अधिकारी और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।

प्रशासनिक जांच के आदेश और कोर्ट का रुख करेंगे ग्रामीण

ग्रामीणों ने पट्टे को रद्द कराने और गैर-कानूनी खनन पर रोक लगाने के लिए अदालत जाने का मन बना लिया है। उन्होंने मांग की है कि निर्धारित सीमा से अधिक हुई खुदाई की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि खनन नहीं रुका तो ग्रामीण बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

उधर, जिला सोलन के खनन अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि विभाग को अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मीडिया रिपोर्ट के जरिए ही मामला उनके ध्यान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन निरीक्षक को तुरंत मौके का मुआयना करने और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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