Ayodhya News: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम गबन करने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष अदालत ने शनिवार को गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी। ये सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं और मामले की जांच जारी है।
आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने इस न्यायिक आदेश की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अयोध्या की भ्रष्टाचार निवारण अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने यह फैसला सुनाया। राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 25 जून को इन पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
आरोपियों की पहचान और बैंक कर्मियों की भूमिका
मामले में गिरफ्तार लोगों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और मनीष कुमार यादव शामिल हैं। इसके अलावा करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव भी आरोपी हैं। इनमें ज्यादातर आरोपी मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने के लिए बैंक से तैनात कर्मचारी थे।
जांच में सामने आया कि सुभाष श्रीवास्तव चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया का प्रभारी था, जबकि टिन्नू यादव चालक का काम करता था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने अब तक इनके पास से 79.85 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। यह पूरा मामला मंदिर में नकद और कीमती सामान के गबन का है।
इससे पहले मंगलवार को आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से अदालत में अर्जी दी गई थी। वकील ने उसके केनरा बैंक खाते को दोबारा चालू करने की गुहार लगाई थी। दलील दी गई थी कि खाते में पेंशन आने से ही परिवार का खर्च चलता है। अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई 9 सितंबर तक टाल दी थी।