Palampur News: पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने रेलवे वित्त निगम के वित्तीय प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रमों के बीच आईआरएफसी ने वित्तीय अनुशासन की मिसाल कायम की है। वित्त वर्ष 2025-26 में निगम ने सात हजार करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है।
निगम का कर पश्चात शुद्ध लाभ 7,009.17 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के 6,502 करोड़ रुपए के मुकाबले 7.80 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा कंपनी की कुल ऋण परिसंपत्तियां भी 4.84 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी हैं, जो एक बड़ी कारोबारी उपलब्धि है।
शून्य एनपीए और 85 हजार करोड़ की कुल परिसंपत्ति
शांता कुमार ने बताया कि कंपनी का ओवरड्यू लोन और एनपीए दोनों शून्य के स्तर पर बने हुए हैं। निगम की कुल परिसंपत्तियां 85 हजार करोड़ रुपए के करीब पहुंच गई हैं। पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी 110.91 प्रतिशत रहा है, जो कंपनी के मजबूत आंतरिक वित्तीय संतुलन और बेहतरीन प्रबंधन को दर्शाता है।
अक्तूबर 2024 में सीएमडी मनोज कुमार दुबे के पद संभालने के बाद कंपनी ने ऐतिहासिक प्रगति की है। करीब 40 वर्षों के सफर में यह शानदार वित्तीय रिकॉर्ड बना है। शांता कुमार ने केंद्र सरकार से आईआरएफसी के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस शानदार कार्य के लिए सम्मानित करने का आग्रह किया।