शाओमी के बिजनेस मॉडल और विदेशी निवेश नियमों के उल्लंघन मामले में एसएफआईओ ने जांच की सिफारिश की

Share

- Advertisement -

Delhi News: भारत के सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने चीनी स्मार्टफोन निर्माता शाओमी के बिजनेस मॉडल और विदेशी निवेश कानूनों के अनुपालन में सामने आई कथित गड़बड़ियों की गहन जांच की सिफारिश की है। इस ताजा कदम के बाद भारत में इस दिग्गज स्मार्टफोन कंपनी के खिलाफ जांच का दायरा पहले से अधिक व्यापक हो सकता है।

भारतीय बाजार में कभी सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन ब्रांड रहा शाओमी अब एप्पल और सैमसंग से मिल रही कड़ी टक्कर के कारण बाजार हिस्सेदारी में पिछड़ गया है। कंपनी पहले से ही कई टैक्स मांगों और रॉयल्टी पेमेंट से जुड़े विवादों का सामना कर रही है। अब नई सिफारिशों ने कंपनी के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

विदेशी निवेश नियमों और फंड ट्रांसफर की होगी पड़ताल

एसएफआईओ की सिफारिश में साफ तौर पर कहा गया है कि कंपनी के फंड फ्लो यानी पैसे के लेनदेन की बारीकी से पड़ताल होनी चाहिए। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि 2020 में भारत-चीन सीमा विवाद के बाद चीनी निवेश पर सख्ती लागू होने पर क्या शाओमी ने जरूरी सरकारी मंजूरियां हासिल की थीं।

शी चिनफिंग के दौरे से पहले रिपोर्ट पर विचार

मामले से जुड़े एक जानकार सूत्र ने बताया कि केंद्र सरकार एसएफआईओ की इस सिफारिश पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसे मई महीने में तैयार किया गया था। यह घटनाक्रम ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग इसी सप्ताहांत भारत पहुंच रहे हैं।

पूरे मामले पर शाओमी के प्रवक्ता ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि कंपनी को एसएफआईओ की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। कंपनी अपने संचालन में सभी आवश्यक भारतीय कानूनों और नियामक मानकों का निष्ठापूर्वक पालन करने का दावा लगातार करती रही है।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News