Delhi News: देश में 23 जुलाई 2026 को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की दरें अपडेट कर दी गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और 19 किग्रा का कमर्शियल सिलेंडर ₹2930 में मिल रहा है। तेल कंपनियों ने आज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
घरेलू गैस सिलेंडर के दामों पर नजर डालें तो देश भर में कीमतों में काफी भिन्नता देखने को मिलती है। देश में सबसे महंगा घरेलू सिलेंडर लद्दाख के लेह में ₹1,179 का मिल रहा है। इसके विपरीत सबसे सस्ता सिलेंडर असम के डिब्रूगढ़ में ₹940.50 की कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
लेह और डिब्रूगढ़ के बीच घरेलू सिलेंडर के दामों में ₹238.50 का बड़ा अंतर दर्ज किया गया है। इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कई प्रमुख शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 1000 रुपये से ऊपर हैं। इनमें श्रीनगर, अंडमान, चित्तूर, तवांग और ईस्ट गारो हिल्स जैसे दुर्गम क्षेत्र शामिल हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों से लेकर बड़े शहरों के घरेलू गैस रेट
पूर्वोत्तर के राज्यों में वेस्ट इंफाल में सिलेंडर ₹1,093.50, आइजॉल में ₹1,094, गंगटोक में ₹1,094.50 और नॉर्थ त्रिपुरा में ₹1,119.50 की ऊंची दर पर बिक रहा है। दूसरी तरफ रांची, हैदराबाद, शिमला, लखनऊ, अमृतसर, इंदौर, कटक, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, अहमदाबाद, गुरुग्राम, बेंगलुरु और मुंबई में सिलेंडर अपेक्षाकृत किफायती दरों पर उपलब्ध हैं।
कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भी दिखा भारी अंतर
कमर्शियल 19 किलोग्राम गैस सिलेंडर की दरों में भी शहरों के हिसाब से बड़ा अंतर है। लेह में कमर्शियल सिलेंडर ₹3,752 की रिकॉर्ड कीमत पर मिल रहा है, जो देश में सबसे अधिक है। वहीं देश में सबसे सस्ता कमर्शियल सिलेंडर मुंबई में ₹3,067.50 की दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
लेह और मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹684.50 का अंतर बना हुआ है। नॉर्थ त्रिपुरा, गंगटोक, वेस्ट इंफाल, आइजॉल, अंडमान, श्रीनगर और हैदराबाद में भी इसकी दरें ऊंची बनी हुई हैं। जबकि चित्तूर, रांची, कटक, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, इंदौर, बेंगलुरु, जयपुर और दमन में इसके दाम कम हैं।
भौगोलिक स्थिति और ट्रांसपोर्टेशन लागत से तय होते दाम
एचपीसीएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा कर फरीदाबाद में भारी बारिश के दौरान कर्मचारियों के काम की सराहना की है। देश में गैस सिलेंडर की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण राज्यों के स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च है। तटीय शहरों में दाम कम और पहाड़ी इलाकों में ज्यादा रहते हैं।