Delhi News: दुनिया की दिग्गज हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन और उसकी सहयोगी फर्म ने अमेरिका में सालों से जारी बेबी पाउडर विवाद को समाप्त करने के लिए 5.5 अरब डॉलर यानी लगभग 52,700 करोड़ रुपये के समझौते पर अपनी सहमति दी है।
यह विशाल समझौता उन हज़ारों अदालती मुकदमों को निपटाने के मकसद से किया जा रहा है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी के टैल्क आधारित बेबी पाउडर के नियमित इस्तेमाल से महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का खतरा काफी बढ़ा है।
अदालतों में पिछले 15 सालों से चल रहा था मामला
यह बड़ा कानूनी विवाद पिछले 15 सालों से विभिन्न अदालतों में लंबित था। हज़ारों पीड़ित महिलाओं और उनके परिवारों ने दावा किया था कि लंबे समय तक पाउडर इस्तेमाल करने से उन्हें ओवेरियन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा।
याचिकाकर्ताओं ने यह संगीन आरोप भी लगाया था कि टैल्क पाउडर में एस्बेस्टस नामक खतरनाक तत्व मिला हुआ था। एस्बेस्टस को स्वास्थ्य विज्ञान में एक बेहद खतरनाक और कैंसरकारी पदार्थ माना जाता है, जिससे इंसानी शरीर को बड़ा नुकसान पहुंचता है।
कंपनी ने कैंसर पैदा करने के दावों को किया खारिज
जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने बयान में फिर दोहराया है कि उसके उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं और कैंसर का कारण नहीं बनते। कंपनी के मुताबिक उसने पिछले 100 सालों में अपने बेबी पाउडर का कारोबार हमेशा पूरी जिम्मेदारी के साथ किया है।
कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने कहा कि मुकदमे जारी रहने पर भी अंततः जीत उनकी ही होती। हालांकि, कानूनी विवादों को खत्म करने और अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देने के लिए कंपनी ने समझौते का रास्ता चुनना बेहतर समझा।
साल 2023 में पूरी दुनिया में बंद कर दी थी बिक्री
कंपनी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए साल 2023 में वैश्विक स्तर पर टैल्क आधारित बेबी पाउडर की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इससे पहले बैंकक्रप्सी प्रक्रिया के जरिए मुकदमों का सामूहिक निपटारा करने के प्रयास असफल रहे थे।
इससे पहले कैलिफोर्निया की एक अदालत ने एक पीड़ित महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया था। अदालत ने कंपनी को 966 मिलियन डॉलर का भारी मुआवजा पीड़ित परिवार को देने का सख्त आदेश सुनाया था।
जानिए आखिर क्या होता है टैल्क और इसके खतरे
टैल्क एक प्राकृतिक खनिज है, जो मैग्नीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से मिलकर बनता है। अपनी अत्यधिक मुलायम बनावट की वजह से इसका उपयोग दशकों से कॉस्मेटिक और बेबी पाउडर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता रहा है।
प्राकृतिक रूप से टैल्क अक्सर उन चट्टानों के करीब पाया जाता है, जहां एस्बेस्टस भी मौजूद होता है। यदि खनन और प्रोसेसिंग के समय उचित सावधानी न बरती जाए, तो इसमें मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, जो सेहत के लिए खतरनाक है।