New Delhi News: साल 2026 की शुरुआत के बाद फरवरी में ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुए युद्ध का सीधा असर अब भारतीय रसोई के बजट पर पड़ रहा है। पिछले पांच महीनों से लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं। उपभोक्ता मामले विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राशन की करीब 99 फीसदी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी इजाफा दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना इस्तेमाल होने वाली मुख्य 36 चीजों में से 35 के दाम बढ़ चुके हैं। सबसे ज्यादा तेजी खाने के तेल और दालों की कीमतों में देखी जा रही है। दालों के दाम बढ़ने की मुख्य वजह कमजोर मानसून भी रही है, जिससे खरीफ फसलों का उत्पादन घटा है और देश में आयात पर निर्भरता बढ़ गई है।
त्योहारी सीजन में और बढ़ सकती है खाने-पीने के सामान की महंगाई
सावन के महीने के साथ देश में त्योहारों का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसके बाद रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों के समय बाजार में खाने-पीने की चीजों की मांग काफी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक हालात ऐसे ही रहे, तो त्योहारी सीजन में महंगाई का ग्राफ और ऊपर जा सकता है।
उपभोक्ता मामलों के आंकड़ों के अनुसार, चने की दाल की कीमत 82.01 रुपये से बढ़कर 86.66 रुपये (5.67%) हो गई है। इसी तरह अरहर की दाल 117.50 रुपये से बढ़कर 123.46 रुपये (5.07%) और उड़द दाल 115.80 रुपये से बढ़कर 121.51 रुपये (4.93%) पहुंच चुकी है। दालों के अलावा खाद्य तेलों की कीमतों में भी 4 से साढ़े 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
खाद्य तेलों में सरसों तेल 188.88 रुपये से बढ़कर 196.44 रुपये प्रति लीटर हो गया है। सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम ऑयल के दामों में भी 4.50 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। वहीं मूंगफली तेल 197.81 रुपये से बढ़कर 205.73 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा चीनी, नमक, दूध, चावल और आटा की कीमतों में भी हल्की से मध्यम तेजी देखी गई है।