हिमाचल प्रदेश में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी, जानिए 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड का नया रेट

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सराफा बाजार में 31 अगस्त 2026 को सोने और चांदी के दामों में निवेशकों तथा आम खरीदारों की भारी दिलचस्पी देखी जा रही है। राज्य में आज 24 कैरेट सोने की दर लगभग ₹15,335 प्रति ग्राम पहुंच चुकी है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,605 प्रति ग्राम बना हुआ है।

आभूषण बनाने और खरीदने वाले ग्राहकों के लिए 22 कैरेट सोने का रेट काफी अहम माना जाता है। वहीं दूसरी ओर राज्य में शुद्ध चांदी की कीमत ₹255 से ₹260 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार कर रही है, जिससे सराफा बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है।

24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की ताजा दरें

हिमाचल प्रदेश में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत ₹15,335 प्रति ग्राम चल रही है। इस हिसाब से ग्राहकों को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना खरीदने के लिए लगभग ₹1,53,350 देने होंगे। अपनी सर्वोच्च शुद्धता के कारण निवेशक इसे निवेश का सबसे सुरक्षित और बेहतर जरिया मानते हैं।

दूसरी तरफ 22 कैरेट सोने की कीमत राज्य में ₹14,605 प्रति ग्राम दर्ज की गई है। इसका मतलब है कि 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹1,46,050 में मिलेगा। आम तौर पर गहने और जेवरात बनवाने के लिए लोग 22 कैरेट सोने को ही सबसे ज्यादा तरजीह देते हैं।

18 कैरेट सोना और चांदी का बाजार भाव

आज 18 कैरेट सोने का रेट लगभग ₹11,501 प्रति ग्राम दर्ज हुआ है। 22 और 24 कैरेट के मुकाबले इसमें शुद्ध सोना कम होता है, इसलिए इसका दाम अपेक्षाकृत काफी कम रहता है। हल्के आभूषणों के निर्माण में 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल काफी हद तक किया जाता है।

चांदी की बात करें तो 31 अगस्त 2026 को इसका भाव ₹255 से ₹260 प्रति ग्राम के बीच बना हुआ है। इस दर पर एक किलोग्राम चांदी की कुल कीमत लगभग ₹2,55,000 बैठती है। स्थानीय सराफा बाजारों और विक्रेताओं के अनुसार कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर आ सकता है।

आज के प्रमुख रेट एक नजर में

  • 24 कैरेट सोना: ₹15,335 प्रति ग्राम
  • 24 कैरेट सोना: ₹1,53,350 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹14,605 प्रति ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,46,050 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: ₹11,501 प्रति ग्राम
  • चांदी: ₹255-₹260 प्रति ग्राम
  • चांदी: ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम

सराफा बाजार के जानकारों के अनुसार बताए गए ये आंकड़े अनुमानित हैं। वास्तविक खरीदारी के दौरान स्थानीय बाजार की स्थिति, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य टैक्स जुड़ने की वजह से फाइनल बिल की रकम में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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