FSSAI ने लागू किए पान मसाला की पैकेजिंग के नए नियम, प्लास्टिक और एल्युमीनियम फॉइल के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक

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New Delhi News: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अब पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक, एल्युमीनियम फॉइल और मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल नहीं होगा। यह व्यवस्था 10 अगस्त को जारी गजट नोटिफिकेशन से लागू हुई है।

कागज और प्राकृतिक मटीरियल में ही होगी पान मसाला की पैकिंग

संशोधित नियमों के अनुसार पान मसाला को कागज, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या प्राकृतिक मटीरियल में ही पैक किया जा सकेगा। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि इन मटीरियल में प्लास्टिक, पॉलीथीन, पीवीसी या कोई अन्य सिंथेटिक पॉलीमर नहीं होना चाहिए। कागज के अंदर प्लास्टिक या मेटलाइज्ड लेयर लगाने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

निर्माताओं के लिए टिन और कांच के कंटेनर का विकल्प मौजूद

FSSAI ने पान मसाला निर्माताओं को टिन और कांच के कंटेनर इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। नई एंट्री के तहत इन्हें पैकेजिंग के मंजूर विकल्पों में अलग से शामिल किया गया है। इसके अलावा ‘प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016’ के कुछ जरूरी नियम भी पान मसाला की पैकेजिंग व्यवस्था पर प्रभावी रूप से लागू होंगे।

60 दिनों के सुझावों के बाद जारी हुआ अंतिम नोटिफिकेशन

प्राधिकरण ने 28 अप्रैल को संशोधन नियमों का ड्राफ्ट प्रकाशित कर 60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। जनसुझावों पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह नोटिफिकेशन जारी किया गया। यह नियम केवल पैकेजिंग मटीरियल से संबंधित है और इसका उत्पाद की बिक्री से कोई संबंध नहीं है।

नए नियमों का मुख्य उद्देश्य पान मसाला पैकेजिंग को पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त बनाना है। निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पैकेजिंग मटीरियल में कोई प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलीमर या एल्युमीनियम फॉइल न हो। गजट में प्रकाशन के साथ ही ये प्रावधान 2018 के मुख्य रेगुलेशन का हिस्सा बन गए हैं।

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