New Delhi News: भारत में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही कारोबारी गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। इस बार फेस्टिव सीजन में देश भर में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये की बंपर खरीद-फरोख्त होने का अनुमान है। इस मांग को पूरा करने के लिए कंपनियां डिलीवरी नेटवर्क को तेजी से मजबूत कर रही हैं।
पांच लाख से ज्यादा डिलीवरी पार्टनर्स की होगी भर्ती
बढ़ती मांग को देखते हुए ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियां 5 लाख से अधिक नए गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को जोड़ने की तैयारी में हैं। कंपनियों के बीच बेहतर टैलेंट को आकर्षित करने के लिए ज्यादा सैलरी, इंसेंटिव, सर्ज बोनस और परमानेंट जॉब ऑफर करने की होड़ मची हुई है।
सरकार के पारदर्शी मूल्य निर्धारण नियमों ने ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया है। डिस्काउंट और वास्तविक कीमत स्पष्ट दिखने से उपभोक्ता खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। इस त्योहारी बूम की असल कमान डिलीवरी पार्टनर्स के हाथों में है, जो समय पर सामान पहुंचाकर आर्थिक पहिये को गति दे रहे हैं।
छोटे शहरों में बढ़ी मांग और डार्क स्टोर्स का विस्तार
एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस बार फेस्टिव हायरिंग में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वेयरहाउसिंग स्टाफ और लास्ट माइल डिलीवरी प्रोफेशनल्स की सबसे ज्यादा मांग है। यह रोजगार बूम महानगरों के मुकाबले टियर-2 और टियर-3 शहरों में अधिक देखने को मिल रहा है।
स्मार्टफोन और यूपीआई की पहुंच ने छोटे शहरों के उपभोक्ताओं को ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन खरीदारी से जोड़ा है। कंपनियां दूरदराज के क्षेत्रों में नए डार्क स्टोर्स खोल रही हैं। साथ ही ‘बाय नाउ पे लेटर’ और नो-कॉस्ट ईएमआई जैसी डिजिटल भुगतान सुविधाओं ने मध्यम वर्ग के लिए त्योहारी खरीदारी को बेहद आसान बना दिया है।
