Delhi News: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने रेस्टोरेंट बिलों में बिना अनुमति सर्विस चार्ज जोड़ने वाले 41 प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक है। ग्राहकों को इसे देने के लिए मजबूर करना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाएगा।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह कदम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर मिली शिकायतों के आधार पर उठाया गया है। CCPA ने चायोस (Sunshine Teahouse Pvt. Ltd.) पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही, कंपनी को ग्राहकों से ली गई अवैध सर्विस चार्ज राशि लौटाने और अपने बिलिंग सिस्टम को तुरंत सुधारने का आदेश भी दिया है।
किन प्रमुख रेस्टोरेंट्स पर हुई कार्रवाई
प्राधिकरण ने कई नामी रेस्टोरेंट्स के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किए हैं। इनमें बारबेक्यू नेशन हॉस्पिटैलिटी, चाइना गेट रेस्टोरेंट, कैफे ब्लू बॉटल (पटना), फू अहमदाबाद रेस्टोरेंट, एल’ओपेरा फ्रेंच बेकरी और जोरो नाइट क्लब शामिल हैं। CCPA अन्य शिकायतों की भी बारीकी से जांच कर रहा है ताकि ग्राहकों के साथ हो रही धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी CCPA के 2022 के दिशानिर्देशों को सही ठहराया था। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि सर्विस चार्ज को बिल में अनिवार्य रूप से जोड़ना कानूनी रूप से गलत है। अब सभी रेस्टोरेंट्स के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।